इंदौर: यूनियन बैंक मैनेजर द्वारा किये गए प्रधानमंत्री मुद्रा लोन गबन का खुलासा

Smart News Team, Last updated: 05/09/2020 07:00 AM IST
  • 5 लोगों का गिरोह करता था प्रधानमंत्री मुद्रा लोन की सब्सिडी का गबन गिरोह के अलग-अलग लोगों को बांटे गए थे अलग-अलग काम
ऑनलाइन ठगी 

इंदौर। इंदौर यूनियन बैंक में सहायक मैनेजर द्वारा प्रधानमंत्री मुद्रा लोन की सब्सिडी में गबन किए जाने के मामले का खुलासा हो गया है.

पुलिस की साइबर टीम ने इसका खुलासा करते हुए पूरी घटना का जिक्र किया है. इस दौरान पुलिस ने गबन किए जाने की एक एक कड़ी को जोड़ते हुए उसका खाका तैयार किया है.

पुलिस ने सभी आरोपियों द्वारा किए गए अलग-अलग कामों की विस्तृत जानकारी दी है.

सभी आरोपी एक गिरोह के रूप में काम करते हुए प्रधानमंत्री मुद्रा लोन की सब्सिडी का गबन करते थे. गिरोह के सभी सदस्यों को अलग-अलग काम सौंपे गए थे.

फर्जी तरीके से सभी कागजात तैयार करते हुए सिर्फ कागजों में ही लोन दर्शा कर उसका गबन किया जा रहा था. इसकी पूरी जानकारी साइबर टीम ने शुक्रवार को प्रेस विज्ञप्ति द्वारा जारी की.

पुलिस ने बताया कि माली मोहल्ला के रहने वाले सुरेश दुबे के बेटे महेश ने क्षेत्र के ही रहने वाले आवेदक से लोन दिलाए जाने के नाम पर उनके दस्तावेज और फोटो प्राप्त किए.

लोन मिलने के नाम पर आवेदक ने अपने सभी दस्तावेज है पूरा फोटो जालसाज महेश को दे दिए इसके बाद महेश ने सारे दस्तावेज कंप्यूटर ऑपरेटर दीपक पवार को सहायता यहां से दीपक पवार की भूमिका शुरू हो जाती है.

आरोपी दीपक पवार आवेदक शैलेंद्र कुमार के नाम पर एक फर्जी फर्म तैयार की. दीपक ने शैलेन्द्र चिल्ड वाॅटर की फर्जी फर्म का रेंट एग्रीमेंट तैयार करवाया. फर्जी अग्रवाल टायर करवाने के बाद दीपक की भूमिका खत्म हो जाती है.

यहां से स्कीम नंबर 71 के रहने वाले गौरीशंकर कजरे के बेटे पिंटू की भूमिका शुरू होती है. आरोपी पिन्टू के पास पहले ही एक फर्जी फर्म थी. वह आस्था इंटरप्राइजेज के नाम से बनी हुई थी. इसका करंट अकाउंट भी खोला गया था.

अपनी फर्जी फर्म आस्था इन्टरप्राइजेस के करंट अकाउंट से पिंटू ने आवेदक शैलेन्द्र शर्मा के बैंक खाते में लोन राशि चुकाने के लिए पांच लाख रुपए ट्रांसफर किए. यहां से पिंटू का काम खत्म होता है. अब सारा काम सहायक मैनेजर के पास पहुंचता है जहां उसकी भूमिका शुरू से लेकर अंत तक बनी रहती है.

आरोपी सहायक ब्रांच मैनेजर व लोन अधिकारी अरुण जैन की सहायता से आवेदक के नाम से जारी करवाई गई सब्सिडी फर्जी फर्म अवतार स्पेयर सेंटर के प्रोपराइटर आरोपी विशाल डांगी के खाते में पहुंचवाई गई. सहायक बैंक मैनेजर की मदद से खाते में धनराशि भेज दी गई. आरोपी पिन्टू ने डांगी के एकाउंट से अपने खाते में रुपए ट्रांसफर करवा लिए.

प्रजापत नगर के रहने वाले स्व. मुन्ना लाल पवार के बेटे सोहन उर्फ सोनू की भूमिका शुरू होती है. इसी ने शर्मा के नाम की फर्जी फर्म शैलेन्द्र चिल्ड वाॅटर का नगर निगम का व्यवसायिक लाइसेंस महाराणा प्रताप जोन - 4 संगम नगर से बनवाया.

वहीं आरोपी दीपक पिता गणपत पवार निवासी डायमंड पैलेस ने पिन्टू के कहने पर एमपी ऑनलाइन से फार्म भरकर फार्म को जिला उद्योग केन्द्र को फाॅरवर्ड करवाया. उसने अब तक करीब 40-45 फर्जी लोन आवेदन भरे हैं.

गुमास्ता नगर आरोपी विशाल डांगी ने फर्जी फर्म अवतार स्पेयर सेंटर में सब्सिडी वाले 7 लाख अपने खाते में डलवाए. इसके बाद चेक के जरिए चिंटू के खाते में ट्रांसफर कर दिए. आरोपी डांगी के फर्जी बैंक खाते में कुल 9 फर्जी लोन के 63 लाख रुपए आने की जानकारी मिली है.

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