इंदौर में आयुष्मान कार्ड के जरिए इलाज न करने वाले निजी अस्पताल का लाइसेंस रद्द

Smart News Team, Last updated: Thu, 27th May 2021, 8:52 PM IST
  • इंदौर में निजी अस्पतालों की मनमानी जारी, शहर के माणिकबाग ब्रिज के पास स्थित पल्स हॉस्पिटल के विरुद्ध कोविड-19 में घोर लापरवाही करने और आयुष्मान कार्ड के जरिए इलाज नही करने को लेकर प्रशासन ने हॉस्पिटल पर कार्रवाई की है.
इंदौर में अस्पताल के विरुद्ध कार्रवाई .

इंदौर. सरकार और प्रशासन के तमाम दिशा निर्देश के बावजूद निजी अस्पताल कोरोना इलाज के दौरान अपनी मनमानी नही छोड़ रहे हैं. ये ही वजह है की निजी अस्पतालों की अनियमितता के मामले इंदौर में प्रशासन के सामने आ रहे है. ताजा मामले में आयुष्मान योजना का लाभ पात्र हितग्राही को नहीं देना एक निजी अस्पताल को महंगा पड़ा. कलेक्टर मनीष सिंह के निर्देश पर अस्पताल पर कार्रवाई की गई है.

 

नगर निगम प्रशासन के मुताबिक मध्यप्रदेश शासन द्वारा आयुष्मान कार्ड धारी को रुपए 5 लाख तक का नि:शुल्क इलाज उपलब्ध कराने के निर्देश प्रदेश के विभिन्न अस्पतालों को दिए गए थे. इन निर्देशों की अनदेखी करने पर इंदौर के पल्स हॉस्पिटल माणिक बाग रोड को पंजीयन निरस्ती का नोटिस जारी किया गया है.

 

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 इसके साथ ही पल्स हॉस्पिटल पर शासन के निर्देशानुसार नियुक्त प्रभारी अधिकारी पीके पंडित सहायक प्रबंधक एमपीआईडीसी क्षेत्रीय कार्यालय इंदौर को आयुष्मान योजना का लाभ आयुष्मान कार्ड धारी को नहीं दिलाने पर कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है.

दरअसल, प्रकाश जैन नामक मरीज को कोरोना संक्रमण के उपचार के लिए पल्स हॉस्पिटल माणिक बाग रोड में भर्ती किए जाने पर आयुष्मान कार्ड योजना के तहत इलाज नहीं किया गया.

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पल्स हॉस्पिटल प्रबंधन ने डिस्चार्ज सर्टिफिकेट ना देते हुए मरीज को अस्पताल से बाहर कर दिया. प्रकाश जैन को बाद में मेदांता अस्पताल में भर्ती किया गया, जहां उनकी मृत्यु हो गई. जबकि मुख्यमंत्री कोविड-19 योजना के अंतर्गत आयुष्मान कार्ड धारी व्यक्तियों एवं उनके परिवार के सभी सदस्यों का इलाज सुनिश्चित करने संबंधी आदेश पूर्व में ही जारी कर दिया गया था.

फिलहाल, इस मामले के सामने आने के बाद अस्पताल पर कड़ी कार्रवाई के तहत लाइसेंस का निरस्तीकरण निश्चित माना जा रहा है क्योंकि यदि अस्पताल में मरीज को योजना के तहत इलाज मिलता तो उसकी जान बच सकती थी .

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