इंदौर एसपी ने बरती सख्ती, कहा-इंस्पेक्टर घर जाने के लिए ना करें सरकारी गाड़ी का इस्तेमाल

Sumit Rajak, Last updated: Fri, 17th Sep 2021, 7:37 PM IST
  • इंदौर पश्चिमी इलाके के एसपी महेश चंद्र जैन ने निर्देश जारी किया है कि सभी थानाध्यक्ष अपनी निजी गाड़ी से घर से थाना आए जाएं. पर्सनल इस्तेमाल के लिए सरकारी गाड़ी का प्रयोग ना किया जाए. साथ ही किसी भी अपराध की सूचना पर तत्काल मौके पर पहुंचने की हिदायत दी है. 
फाइल फोटो: इंदौर पुलिस  (प्रतीकात्मक फोटो)

इंदौर.  इंदौर के पश्चिमी इलाके के एसपी महेश चंद्र जैन ने सभी थानादारों के लिए आदेश जारी करते हुए कहा है कि सरकारी गाड़ी से घर से थाना आना-जाना बंद किया जाना चाहिए. निजी काम लिए थाना प्रभारी सरकारी गाड़ी का उपयोग ना करें. थाना प्रभारी सरकारी गाड़ी को सरकारी काम के लिए ही उपयोग करें. सरकारी गाड़ी से सैर-सपाटा ना करें. इसके पीछे का उद्देश्य है कि कुछ थाना प्रभारी कई किलोमीटर दूर घर से थाना आते-जाते है . जिसके कारण गाड़ी को इलाके में मूवमेंट या गश्त लगाना मुश्किल हो जाता है. इस आदेश का उद्देश्य  है कि अपराध पर नियंत्रण करना और पुलिस की इलाके में सक्रियता बनाए रखना है. एसपी महेश चंद जैन ने कहा कि अपराध की सूचना मिलते ही पुलिस प्रभारी घटनास्थल पर पहुंचे. इसके बावजूद इसके पता चले कि गाड़ियां स्टाफ को आने जाने के लिए रखा है.

पिछले दिनों शहर में बढ़ती अपराध को देखते हुए सीएम ने नाराजगी जाहिर की थी और जल्द ही अपराध  पर  नियंत्रण के आदेश दिए. इसके बाद से शहर के बड़े अधिकारी एक्शन मोड में आए. अधिकारियों ने निर्देश जारी किया की लापरवाही पाए जाने वाले पुलिसकर्मियों के पर कार्रवाई की जा सकती है. वहीं एसपी जैन ने आदेश दिए की सभी थाना प्रभारियों को शाम से लेकर रात तक बाइक से पेट्रोलिंग करनी होगी. जैन ने कहा कि सभी थाना प्रभारियों को सुबह 10 बजे से रात 12 बजे तक थाना क्षेत्र में ही रहना होगा. इसके साथ ही पुलिस अधीक्षक समय-समय पर इलाके में अधिकारियों की सक्रियता का भी परीक्षण कर रहे हैं.

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कुछ दिनों पहले शहर में एक घटना हुई थी. जिसके कारण इलाके में भारी भीड़ जमा हो गई थी. एसपी जैन भीड़ को हटाने के बाद संदेहीओ को थाने के गाड़ी में बैठा कर थाना पहुंचाने के लिए आदेश दिए थे. जबकि थाना के गाड़ी मौके पर मौजूद नहीं था. एसपी जैन ने पूछे जाने पर उन्हें थाना से जवाब मिला  कि गाड़ी साहब को लेने गई है. जिससे एसपी बहुत नाराज हुए  और थाना अध्यक्ष को निंदा की सजा दी थी. निंदा की सजा पुलिस सर्विस बुक में रिकॉर्ड रखी जाती है.

इससे पहले एसपी महेश चंद्र जैन ने आदेश दिए थे कि पूरे स्टाफ को सभी थाना प्रभारियों द्वारा दो दो केले  खिलाए जाएंगे. जबकि 2 दिन के बाद ही या आदेश निरस्त हो कर दिए गए था.

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