इंदौर: करोड़ों की ठगी कर फरार स्काईलॉर्क चिटफंड का डायरेक्टर एमपी से गिरफ्तार

Smart News Team, Last updated: 15/09/2020 10:49 PM IST
  • इंदौर. राजस्थान में करौली के हिंडौनसिटी में अधिक ब्याज का लालच लेकर हजारों लोगों के करोड़ रूपए ठगने वाली स्काईलॉर्क चिटफंड कंपनी का एक और डायरेक्टर 5 हजार रूपए क ईनामी बदमाश रमाशंकर यादव को पुलिस की जिला स्पेशल टीम ने मध्यप्रदेश से गिरफ्तार कर लिया है.
प्रतीकात्मक तस्वीर 

इंदौर| करौली जिले के हिंडौनसिटी में रूपयों को दोगुना-तिगुना करने का झांसा देकर हजारों लोगों के करोड़ों रूपए की ठगी के मामले में स्काईलॉर्क नाम की चिटफंड कंपनी के एक और डायरेक्टर को जिला पुलिस की स्पेशल टीम ने मध्यप्रदेश से गिरफ्तार कर लिया. ठगी का आरोपी रमाशंकर यादव वैसे तो कार चालक था लेकिन इसे डायरेक्टर बना कर ठगी की वारदात को अंजाम दिया गया था. जिला पुलिस अधीक्षक की ओर से पांच हजार रुपए का ईनाम भी घोषित किया गया था.

डीएसटी प्रभारी यदुवीर सिंह ने बताया कि आरोपी स्काईलॉर्क कुलाक एसएलडीआई इन्फ्राकॉम नाम की एक चिटफंड कंपनी का डायरेक्टर रमाशंकर यादव मध्यप्रदेश के ग्वालियर जिले के रामवाटिका निवासी है. इसने अपने साथियों के साथ मिलकर साल 2012 में हिण्डौन में चिटफंड कंपनी का दफ्तर खोला था और गांव से लेकर शहर तक कमीशन एजेंट नियुक्त कर लोगों को मोटे ब्याज का झांसा लेकर आरडी,एफडी के नाम पर करोड़ों रूपए जमा कर लिए. दो साल बाद रातों रात कार्यालय बंद कर करोड़ों रुपए लेकर फरार हो गए.

आरोपी के खिलाफ राजस्थान सहित कई राज्यों में दर्जनों ठगी के मामले दर्ज है. राजस्थान में पांच, मध्यप्रदेश में एक, उत्तरप्रदेश में सात, गुजरात में चार, तेलंगाना में एक ठगी के प्रकरण समेत देशभर के विभिन्न थानों में दो दर्जन से ज्यादा मामले दर्ज है.

वर्ष 2017 में हिण्डौन के कोतवाली पुलिस थाने में कंपनी में कर्मचारी रहे सुलेमान खान व सूरौठ थाने पर निर्मल जाट व देवीसिंह जाटव ने आरोपियों के विरुद्ध मामला दर्ज करवाया था. लेकिन तभी से आरोपी फरार थे. अगस्त महीने में 27 तारीख को एसपी मृदुल कच्छावा ने चिटफंड कंपनी के जालसाज निदेशक रमाशंकर यादव, संजय जैन, जयहिन्द कुमार व महेन्द्र कुमार विश्वकर्मा की गिरफ्तारी पर के लिए पांच-पांच हजार रुपए का इनाम घोषित किया था.

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फरार बदमाशों के खिलाफ ईनाम घोषित होने के बाद जिला स्पेशल टीम ने बदमाशों की गिरफ्तारी में तलाश शुरू की. 28 अगस्त को डीएसटी ने कंपनी के मास्टर माइंड जयहिंद व महेन्द्र कुमार को वाराणसी व प्रयागराज से गिरफ्तार किया. दोनों आरोपियों से पूछताछ के दौरान मिले सुरागों के बाद आरोपी रमाशंकर यादव के मध्यप्रदेश के भिंड जिला के मऊ कस्बे में एक ढाबे पर दबिश देकर गिरफ्तार कर लिया.

डीएसटी से जुड़े अधिकारियों ने बताया कि चिटफंड कंपनी का जालसाज डायरेक्ट रमाशंकर यादव कुछ वर्ष पहले तक करोड़ों का आसामी हुआ करता था. देशभर में निवेशकोंं से ठगी के दर्जनों मुकदमे दर्ज होने के बाद पुलिस से बचनेे के लिए फरारी काटने के चक्कर में करोड़पति से कंगाल बना दिया. भिंड जिले के गुमनाम मऊ कस्बे में टीनशैड में संचालित एक छोटे से ढाबे पर रोटी बनाने का काम कर रहा था. जहां ढाबा मालिक उसे दो वक्त की रोटी और पांच हजार रुपए पगार के रूप में देता था.
 

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