इंदौर: एटीएच हॉस्पिटल में 27 मौतों का नहीं है रिकॉर्ड, बढ़ी प्रशासन की मुश्किलें

Smart News Team, Last updated: 29/08/2020 12:36 PM IST
  • इंदौर के एमटीएच कोविड-19 अस्पताल में पांच दिन में 32 मरीजों की मौत. अस्पताल के रिकॉर्ड में कोरोना से सिर्फ चार की मौत ही बताई गई. मृत्यु दर कम होने का दावा कर रहे जिला प्रशासन की बढ़ी चिंता.
प्रतिकात्मक तस्वीर

इंदौर के एमटीएच कोविड-19 अस्पताल में पांच दिन में ही 32 मरीजों के मौत का प्रकाश में आया है. इन 32 मरीजों में से 15 मरीज अन्य जिलों से यहाँ रेफर किए गए थे. वहीं इनमें से 27 मौत सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज नहीं हुई. इसका कारण इनकी रिपोर्ट निगेटिव आना है. कुछ ऐसे भी मरीज हैं, जिनकी कोरोना रिपोर्ट आने के पहले ही मृत्यु हो गई.

अस्पताल के रिकॉर्ड में कोरोना से सिर्फ चार की मौत ही बताई गई है, जो पॉजिटिव रिपोर्ट आने के बाद अस्पताल में भर्ती हुए थे. हालांकि कोविड हॉस्पिटल में बिना लक्षण प्रकट सामने आए किसी भी कोरोना मरीज की भर्ती नहीं हुई है. कुछ मरीज प्राइवेट हॉस्पिटल में अपना इलाज कराना चाहते थे लेकिन सरकार के नए गाइड लाइन के चलते मरीज डिस्चार्ज भी नहीं हो सके.

अस्पताल प्रशासन द्वारा मौत की वजह मरीजों के देर से अस्पताल में पहुंचना बताया जा रहा है. साथ ही इन आंकड़ों को यह कहकर कोरोना से हुई मौत में नहीं जोड़ रहा है कि ये रिपोर्ट आने से पहले भर्ती हुए थे.

मृत्यु दर कम होने का दावा कर रहे जिला प्रशासन की एमटीएच अस्पताल के इस मामले के चलते चिंता और बढ़ गयी है. अब अगर इन 32 में से जितनी भी मौतें रिकॉर्ड में जोड़ी जाएंगी, उतना ही आंकड़ा बढ़ जाएगा. वहीं अप्रैल में भी ऐसा मामला सामने आ चुका है. तब भी रिपोर्ट नहीं आना बताकर प्रशासन ने करीब 80 मृतकों के नाम रिकॉर्ड में शामिल नहीं किए थे और बाद में मई, जून, जुलाई तक इन मृतकों के नंबर आंकड़ों में जुड़ते रहे.

एमटीएच अस्पताल के क्लिनिकल प्रभारी डॉ. वीपी पांडेय ने बताया कि इनमें 70 से 80 फीसदी ऐसे मरीज हैं जो अंतिम अवस्था में आ रहे हैं. विशेषकर अन्य जिलों से आने वाले मरीज इसमें शामिल हैं. कुछ मरीज ऐसे भी हैं, जिन्होंने दो-चार घंटे में ही दम तोड़ दिया.

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