इंदौर ZOO ने मनाया वन्यजीव सप्ताह, 99 शहरवासियों ने साइकिल से किया चिड़ियाघर का भ्रमण

Anurag Gupta1, Last updated: Sun, 3rd Oct 2021, 5:31 PM IST
  • इंदौर चिड़ियाघर में वन्यजीव सप्ताह मनाया गया. जो हर साल अक्टूबर के पहले सप्ताह में मनाया जाता है. इस आयोजन में 99 शहरवासियों ने सुबह साढ़े बजे साइकिल से इंदौर चिड़ियाघर की सवारी की.
इंदौर चिड़ियाघर (फाइल फोटो)

इंदौर : इंदौर के चिड़ियाघर में शनिवार सुबह साढ़े छह बजे 99 शहरवासियों ने साइकिल से सवार होकर चिड़िया घर का भ्रमण किया. वैसे तो आम दिनों में साइकिल से अंदर जाना प्रतिबंधित है. चिड़ियाघर को घूमने के लिए पैदल ही जाते है या फिर एक गाड़ी से घूम सकते हैं. फिलहाल वन्यजीव सप्ताह समारोह मनाने के लिए एनिमल रिहैबिलिटेशन एंड प्रोटेक्शन फ्रंट (एआरपीएफ) द्वारा इंदौर चिड़ियाघर के सहयोग से इसका आयोजन किया गया.

इस आयोजन में आए 61 वर्षीय मोहम्मद यूसुफ जो सबसे वरिष्ठ व्यक्ति थे उन्होंने कहा हमनें ज्यादातर जानवरों को सोते हुए देखा है, लेकिन हम बहुत पहले आ गए तो जो जानवर जाग चुके थे वो हमको देख रहे थे और काफी चकित थे.

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साइक्लोथॉन में परिसर के अंदर की सवारी सहित चिड़ियाघर से क्षेत्रीय पार्क और वापस चिड़ियाघर आना शामिल किया गया था. वन्यजीव सप्ताह हर साल अक्टूबर के पहले सप्ताह में मनाया जाता है. इस  मेगा इवेंट को इस तरह से तैयार किया जाता है कि वन्यजीव संरक्षण के लिए आम आदमी को शामिल किया जा सकें. वन्यजीव सप्ताह के दौरान सात अक्टूबर तक  'वन्यजीव'  विषय पर विभिन्न प्रतियोगिताएं, विशेषज्ञ सत्र, जागरूकता कार्यक्रम आदि आयोजित किए जाएंगे.

चिड़ियाघर के रिसर्चर और शिक्षा अधिकारी  निहार पारुलेकर ने कहा कि इस पूरे आयोजन के दौरान कोविड-19 के नियमों का पालन किया गया और सभी एहतियात बरते गए. इसके अलावा इसमें उन्हीं को शामिल किया गया जिनके पास कोविड की कम से कम एक डोज का सर्टिफिकेट था. 

आयोजन का पहला दिन काफी सफल रहा. साइक्लोथॉन में सबसे कम उम्र का प्रतिभागी चार साल का था. पहले दिन क्ले और फोटोग्राफी प्रतियोगिताओं में भी विशेष रूप से छोटे बच्चों की अच्छी भीड़ देखी गई. क्ले मोल्डिंग प्रतियोगिता में भाग लेने वाली पांच वर्षीय नैशा दुआ महामारी के बीच पहली बार किसी प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए बेहद उत्साहित थीं. नैशा ने बताया कि पहले वो बिल्ली बनाने वाली थी लेकिन अभी जल्द ही में उन्होंने मिट्टी से गणेश जी को बनाया था तो उन्होंने इस प्रतियोगिता में हाथी बनाने का फैसला किया.

 

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