इंदौर में झुग्गी-झोपड़ियों को दिया जाएगा नया रूप, हरियाली के बीच लोगों को मिलेगा नया जीवन

Deepakshi Sharma, Last updated: Thu, 9th Sep 2021, 3:33 PM IST
  • इंदौर में अब झुग्गी-झोपड़ियां को एक नया रूप दिया जाएगा. इंदौर नगर निगम अब शहर के स्लम इलाकों को हरा-भरा बनाने के लिए यहां पर पड़े-पौधे लगाने वाली है. ऐसा करने के लिए 29 बस्तियों को चुना गया है.
इंदौर नगर निगम बनाएगा स्लम इलाकों को हरा-भरा

इंदौर. झुग्गी-झोपड़ियों को शानदार रूप देने के काम को एक कदम ओर आगे बढ़ाते हुए इंदौर नगर निगम (आईएमसी) अब शहर के स्लम इलाकों को हरा-भरा बनाने की एक नई पहल पर काम कर रहा है. इसके लिए निगम ने करीब 29 बस्तियों को चुना है. जहां यह खुली जगहों और इलाकों को हरे भरे पड़े-पौधे से सजाएगी. इस काम को करने के लिए वो वहां रहने वाले लोगों की भी मदद लेगी.

नागरिक निकाय ने इस पहल के तौर पर 10 हजार पौधे लगाने का लक्ष्य रखा है. वही, स्थानीय लोगों को पौधे लगाने के लिए बढ़ावा देने को लेकर सब्जी और फल देने वाले पौधों के 1000 से अधिक बीज उपलब्ध कराएं जाएंगे. इंदिरा एकता नगर, डायमंड कॉलोनी, खजराना, एरोड्रम, सांवेर रोड, बंगाली, अहिरखेड़ी, गांधी नगर, हवा बांग्ला, बड़ा बांगरदा, भीम नगर सहित कई इलाकों को इस पहले के तहत सबसे पहले शामिल किया जाएगा.

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आईएमसी के उद्यान विभाग के अधिकारियों का कहना है कि हरियाली बढ़ाने के लिए झुग्गी बस्तियों में खुली जगहों में सजावटी और यहां तक कि फलदार पौधे भी लगा रहे हैं. वही, आईएमसी के डिप्टी कमिश्नर कैलाश जोशी ने कहा, "इस 'ग्रीन स्लम' कॉन्सेप्ट के पीछे का विचार झुग्गीवासियों को पड़े लगाने और स्वच्छता से जुड़ी चीजों के लिए प्रोत्साहित करना और उन्हें शामिल करना है. यह न केवल उनकी आसपास की जगह को खूबसूरत बनाएंगे, बल्कि यह उन्हें बेहतर तरीके से अपनेपन और रहने की भावना देंगे.'

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आईएमसी के डिप्टी कमिश्नर कैलाश जोशी ने ये भी कहा कि स्वच्छ भारत अभियान के तहत ये पहल की गई है और यह शहर की हरियाली को बढ़ाने में भी मदद करेगी. उन्होंने कहा, "इस पहल में इस्तेमाल किए गए पौधे और उसके बीज आईएमसी की अपनी नर्सरी से व्यवस्थित किए गए हैं."

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