इंदौर में मेधा पाटकर भी उतरी किसानों के समर्थन में

Smart News Team, Last updated: 03/12/2020 09:04 PM IST
  • मेधा पाटकर का कहना है कि पूरे देश का धीरे-धीरे करके कॉरपोरेटीकरण किया जा रहा है. इसका भुगतान सिर्फ मध्यप्रदेश ही नहीं, पूरे देश के किसान और गरीब वर्ग झेल रहे हैं. वह इस किसान विरोधी कानून का पुरजोर विरोध करती हैं. पाटकर ने कहा कि यह कानून सिर्फ उद्योगपतियों की जेब भरने के लिए बनाया गया है.
इंदौर में किसानों के साथ धरने पर बैठीं मेधा पाटकर

इंदौर. लंबे समय से नर्मदा बचाओ आंदोलन का नेतृत्व कर रही सामाजिक कार्यकर्ता मेधा पाटकर अब किसानों के समर्थन में भी उतर गई हैं. केंद्र के नए कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों ने इंदौर में भी विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है. किसानों का आंदोलन तब और भी प्रबल हो गया जब इंदौर में हो रहे किसान संघर्ष समिति द्वारा विरोध प्रदर्शन में सामाजिक कार्यकर्ता एवं नर्मदा बचाओ आंदोलन का प्रमुख चेहरा मेधा पाटकर भी खुलकर उनके समर्थन में आईं.

मेधा पाटकर का कहना है कि पूरे देश का धीरे-धीरे करके कॉरपोरेटीकरण किया जा रहा है. इसका भुगतान सिर्फ मध्यप्रदेश ही नहीं, पूरे देश के किसान और गरीब वर्ग झेल रहे हैं. केंद्र सरकार के किसान विरोधी इस बिल के बाद बड़े-बड़े कॉरपोरेट्स जैसे अदानी, अंबानी किसानों के क्षेत्र में घुस आएंगे और उसे और अधिक बर्बाद कर देंगे. यह कॉरपोरेट्स किसी वायरस या फिर जंगली जानवर से भी ज्यादा नुकसान करते हैं. इस कानून में मिनिमम मूल्य के विषय में कोई बात नहीं की गई है. पाटकर ने बताया कि हम यहां से 22 नवंबर को किसान आंदोलन में भाग लेने के लिए निकले थे पर हमें यूपी बॉर्डर पर रोक दिया गया. 

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उन्होंने बताया कि इतनी मुश्किलों के बाद भी हम डटे रहे और सरकार का विरोध करने दिल्ली पहुंच गए. दिल्ली में भाग लेकर मैं अपने साथियों के साथ यहां इंदौर आई हूं. हम इस किसान विरोधी कानून का पुरजोर विरोध करते हैं. यह कानून सिर्फ उद्योगपतियों की जेब भरने के लिए बनाया गया है.

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