एमपी में अब हिंदी में होगी मेडिकल की पढ़ाई, जल्द तैयार होगा मॉड्यूल

Shubham Bajpai, Last updated: Wed, 15th Sep 2021, 6:47 AM IST
  • मध्यप्रदेश में जल्द मेडिकल की पढ़ाई में शुरू होने जा रही है. इसको लेकर हिंदी दिवस के मौके पर चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने घोषणा की. उन्होंने कहा कि प्रदेश में मेडिकल की पढ़ाई हिंदी में कराने का निर्णय लिया है. जल्द ही इसके लिए कमेटी बनाई जाएगी, जो इसका मॉड्यूल तैयार करेगी.
एमपी में अब हिंदी में होगी मेडिकल की पढ़ाई, जल्द तैयार होगा मॉड्यूल

इंदौर. मध्यप्रदेश में हिंदी को बढ़ावा देने और हिंदी भाषी छात्रों के लिए शिवराज सरकार नई पहल की शुरुआत करने जा रही है. अब प्रदेश में सरकार मेडिकल की पढ़ाई हिंदी में करवाने की तैयारी कर रही है. इस संबंध में प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने घोषणा की. उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने मेडिकल की पढ़ाई हिंदी में कराने का निर्णय लिया है. जल्द ही इसके लिए कमेटी का गठन किया जाएगा. बता दें कि इससे पहले मध्यप्रदेश में इंजीनियरिंग की पढ़ाई हिंदी में शुरू की गई थी और यह प्रयोग फेल हो गया था.

कमेटी के सुझाव के आधार पर ही पूरा पाठ्यक्रम होगा तैयार

विश्वास सारंग ने कहा कि कमेटी के सुझाव के आधार पर ही पूरा पाठ्यक्रम तैयार किया जाएगा. हम एक मॉड्यूल तैयार करेंगे. जल्द से जल्द इसकी शुरुआत की जाएगी. ताकि स्टूडेंट्स को इसका फायदा मिले और मेडिकल की पढ़ाई करने में आसानी होगी. उन्होंने कहा कि स्टूडेंट्स को देखते हुए ही पूरा कोर्स हिंदी में तैयार किया जाएगा.

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2016 में प्रदेश में शुरू हुआ हिंदी का कोर्स हो चुका है फेल

बता दें कि 2016 में भी अटल बिहारी हिंदी विश्वविद्यालय द्वारा इंजीनियरिंग और मेडिकल की पढ़ाई हिंदी में करने की घोषणा की गई थी. जिसमें तीन सेमेस्टर को इंजीनियरिंग के हिंदी में शुरू किए गए लेकिन सिर्फ तीन स्टूडेंट्स के एडमिशन लेने के बाद यह बंद करना पड़ा. वहीं, मेडिकल की पढ़ाई के लिए अनुमति नहीं मिली थी.

डॉक्टर्स ने कहा इससे अपग्रेड नहीं हो पाएंगे 

इस मामले में डॉक्टर्स इसका विरोध कर रहे हैं. उनका कहना है कि नए डॉक्टरों को हिंदी सिखानी चाहिए, लेकिन इंग्लिश के कीमत पर यह नहीं होना चाहिए. डॉक्टरों की तकनीक और इलाज योजना के बारे में जानने के लिए विभिन्न देशों द्वारा सेमिनार आयोजित होते हैं. अंग्रेजी में न होने की वजह से इन डॉक्टरों को इसका नुकसान होगा और वो खुद को अपग्रेड नहीं कर पाएंगे. 

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एजेंडा पूरा करने छात्रों का खराब न करें भविष्य

 

 कांग्रेस ने कहा कि हिंदी में इंजीनियरिंग सफल नहीं हुई, पैरा-मेडिकल सफल नहीं हुई और अब राज्य सरकार एमबीबीएस पाठ्यक्रमों के साथ एक बार और प्रयास करना चाहती है। उन्हें केवल अपने एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए छात्रों के भविष्य को खराब करने के लिए पाठ्यक्रमों के साथ प्रयोग नहीं करना चाहिए।

 

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