MP: मध्य प्रदेश बोर्ड के रिजल्ट से नाखुश स्टूडेंट्स फिर से दे सकेंग परीक्षा, जानें अपडेट

Smart News Team, Last updated: Sun, 5th Sep 2021, 4:46 PM IST
  • मध्य प्रदेश बोर्ड 10वीं और 12वीं से नाखुश छात्रों के लिए 6 सितंबर से विशेष परीक्षा शुरू हो रही है.
मध्य प्रदेश बोर्ड के रिजल्ट से नाखुश स्टूडेंट्स फिर से दे सकेंग परीक्षा

इंदौर : कोरोना महामारी के प्रकोप के कारण छात्रों की पढ़ाई पर गहरा प्रभाव पड़ा है. ऐसे में एमपी बोर्ड ने अपने छात्रों के लिए बड़ा ऐलान किया है. 10वीं और 12वीं से नाखुश छात्रों के लिए 6 सितंबर से विशेष परीक्षा शुरू हो रही है. इस परीक्षा में कुल 14 हजार ही छात्र-छात्राएं शामिल हो रहे हैं. दसवीं में 9 हजार और  बारहवीं में साढ़े 5 हजार छात्र-छात्राएं  बैठ रहे है. एमपी में कुल 18 छात्रों से मात्र 14  हजार छात्र ही परीक्षा में शामिल हो रहे हैं.

इस बार की परीक्षा में खास बात यह है कि दसवीं में  भोपाल,इंदौर, मुरैना,भिंड, सताना और ग्वालियर से 6 हजार छात्र बैठ रहे हैं,जबकि इंदौर और भोपाल से मात्र सात सौ छात्र है. 12वीं में ग्वालियर और मुरैना से करीब सात सौ छात्र शामिल हो रहे हैं. आंकड़ा के अनुसार मुरैना से 2583, भिंड से 1092, सताना से 543, ग्वालियर से 511, रीवा से 366 और अन्य जिलों  से  भी दसवीं में छात्र बैठ रहे. जबकि 12वीं में मुरैना से 338 भिंड से 185 ग्वालियर से 278 सताना से  166 भोपाल से 160 इंदौर से 321 जबलपुर से 160 सागर से 112 छात्र-छात्राएं परीक्षा में बैठ रहे हैं. 12वीं में करीब 8 लाख छात्र-छात्राएं परीक्षा में शामिल हुए थे जबकि दसवीं में करीब 10 लाख छात्र-छात्राएं परीक्षा में शामिल हुए थे. दसवीं की परीक्षा 6 सितंबर से लेकर 15 सितंबर तक और 12वीं की परीक्षाएं 6 सितंबर से 21 सितंबर तक चलेगी.

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एमपी बोर्ड मंडल के पीआर ओ एसके चौरसिया ने कहा कि 10वीं और 12वीं की परीक्षा एक साथ होगी. परीक्षा सुबह 9 बजे से 12 बजे तक होगी. परीक्षा में शामिल छात्र-छात्राएं एमपी बोर्ड ऑनलाइन के पोर्टल पर अपना एडमिट कार्ड ले सकेंगे. मंडल की वेबसाइट www.mpbse.nic.in पर अपना एडमिट कार्ड ले सकेंगे.

करोना महामारी के कारण इस बार की परीक्षा में दसवीं कक्षा  छात्र के लिए अदवार्षिक और प्री बोर्ड व यूनिट टेस्ट और आंतरिक मूल्यांकन के आधार पर रिजल्ट तैयार किया गया था. परीक्षाओं में उपस्थित न रहने पर 33% अंक देकर पास कर दिया जाएगा. राज्य के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पहले ही कहा था कि अगर कोई बच्चा परीक्षा से नाखुश है तो वह पेपर दे सकता है. इस साल कोरोना के कारण देश के अन्य राज्य में परीक्षा नहीं हुई थी. 10वीं और 12वीं के सभी छात्र छात्राओं को पास कर दिया था.

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