MP: कॉलेजों में रामायण पढ़ेंगे छात्र, हिंदी में होगी मेडिकल की पढ़ाई, इंजीनियरिंग में पढ़ाया जाएगा रामसेतु

SHOAIB RANA, Last updated: Wed, 15th Sep 2021, 1:51 PM IST
  • शिवराज सिंह चौहान सरकार अब मध्य प्रदेश के कॉलेजों में रामायण पढ़ाने की तैयारी कर रही है, वहीं इंजीनियरिंग के छात्रों को पढ़ाई के दौरान रामसेतु के बारे में भी बताया जाएगा. इसके साथ ही मेडिकल कोर्स को पढ़ने के लिए हिंदी में भी ऑप्शन दिया जाएगा.
CM शिवराज सिंह चौहान (फोटो)

इंदौर. मध्य प्रदेश में अब कॉलेज के छात्र अब अपने सिलेबस के साथ-साथ रामायण और रामसेतु के बारे में भी पढ़ेंगे. ग्रेजुएशन के छात्रों को तुलसीदास की रामचरितमानस तो इंजीनियरिंग के छात्रों को रामसेतु पढ़ाया जाएगा. इसके साथ ही मेडिकल स्ट्रीम से पढ़ाई कर रहे छात्रों को हिंदी भाषा में भी पढ़ाई का ऑप्शन दिया जाएगा. अभी तक मेडिकल के छात्र सिर्फ अंग्रेजी भाषा में पढ़ाई कर सकते थे. 

राज्य की शिवराज सिंह चौहान सरकार के मंत्री विश्वास सारंग ने मेडिकल की हिंदी पढ़ाई को लेकर कहा कि सरकार जल्द ही एक कमेटी बनाने जा रही है जिससे मेडिकल कोर्स को हिंदी में तैयार किया जा सके. इसके पूरे होते ही मेडिकल की पढ़ाई हिंदी में भी शुरू कर दी जाएगी.

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वहीं रामायण और राम सेतु की पढ़ाई को लेकर राज्य मंत्री डॉ मोहन यादव ने जानकारी देते हुए कहा कि शिक्षा विभाग की ओर से सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं. डॉ मोहन यादव ने कहा कि अगर हम पढ़ाई में श्रीरामचरितमानस को शामिल करेंगे तो इसका सकरात्मक असर हमारी आने वाली पीढ़ियों पर पड़ेगा. 

यादव ने आगे कहा कि विभाग ने इसका सिलेबस व्यावहारिक दर्शन नाम से तैयार किया है. ग्रेजुएशन के वो छात्र जिनके पास दर्शनशास्त्र सबजेक्ट है, वे इसका अध्ययन कर सकेंगे. हालांकि, छात्रों के लिए यह ऑप्शन वैकल्पिक होगा.

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मालूम हो कि मध्य प्रदेश की सत्ता पर काबिज भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने इससे पहले राज्य के मेडिकल कॉलेजों के एमबीबीएस फर्स्ट ईयर के सिलेबस में आरएसएस के संस्थापक डॉ केशव बलिराम हेडगेवार और जनसंघ के वरिष्ठ नेता पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जीवनी पढ़ाने का फैसला किया था. शिवराज सरकार का यह फैसला देशभर में काफी चर्चा में रहा था.

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