करोड़पति निकला नगर पालिका अधिकारी, पुलिस ने बरामद की 6 करोड़ की काली कमाई

Smart News Team, Last updated: 16/09/2020 04:16 PM IST
  • इंदौर. देर शाम नगर पालिका अधिकारी को निलंबित कर दिया गया. नगर पालिका अधिकारी कुलदीप किंशुक के खिलाफ जून 2020 में अनुपातहीन संपत्ति को लेकर शिकायत हुई थी. कुलदीप ने वर्ष 2008 में पंचायत सचिव के रूप में ज्वाॅइन किया.
प्रतीकात्मक तस्वीर

इंदौर| भ्रष्टाचार की सूचना मिलने के बाद इंदौर प्रशासन ने एक बड़ी कार्रवाई की है. जिसमें नगर पालिका के मुख्य अधिकारी द्वारा करोड़ों रुपए की काली कमाई कर ली गई. इस पर पुलिस ने उनके यहां दबिश दी और करोड़ों रुपए की संपत्ति के अभिलेख भी बरामद किए हैं.

लोकायुक्त उज्जैन ने बड़नगर के मुख्य नगर पालिका अधिकारी कुलदीप किंशूक के घर दबिश देकर करीब छह करोड़ की काली कमाई का खुलासा किया. टीम ने सुबह तीन ठिकानों उज्जैन, बड़नगर और माकड़ौन में एक साथ दबिश दी. उसके घर से करीब तीन लाख से ज्यादा नकद, 24 लाख के सोने-चांदी के जेवर, चार आलीशान मकान, जमीन, एक निर्माणाधीन होटल, 40 बैंक खाते समेत अन्य प्रॉपर्टी मिली है। इनमें से 10 खातों में ही एक करोड़ से ज्यादा नकदी जमा है. उन्होंने बताया कि नगर पालिका अधिकारी के पिता अखबार में हॉकर थे जबकि भाई उज्जैन में टिफिन संचालक हैं लेकिन कुलदीप ने कम समय में ही करोड़ों की काली कमाई कर डाली. देर शाम नगर पालिका अधिकारी को निलंबित कर दिया.

लोकायुक्त इंस्पेक्टर बसंत श्रीवास्तव ने बताया कि नगर पालिका अधिकारी कुलदीप किंशुक के खिलाफ जून 2020 में अनुपातहीन संपत्ति को लेकर शिकायत हुई थी. जांच में मामला सही पाए जाने पर सुबह टीम ने दबिश दी. जब टीम भीतर पहुंची तो उनका एक दोस्त भी सोते हुए मिला. इसके बाद उज्जैन समेत बड़नगर और माकड़ौन में तलाशी ली गई.

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उन्होंने बताया कि माकड़ौन में लाखों रुपए कैश और बड़ी मात्रा में सोने-चांदी की ज्वैलरी मिली है. उसने अपने उस दोस्त के नाम पर ही कार समेत कई संपत्ति खरीदी थी. बताया जांच में यह भी पता चला है कि इसके अलावा भी कुछ दोस्तों के नाम पर इन्होंने प्रॉपर्टी खरीदी है.

बताते चलें कि नगर पालिका अधिकारी कुलदीप ने वर्ष 2008 में पंचायत सचिव के रूप में ज्वाॅइन किया. अब तक उन्हें 22 लाख सैलरी मिली है. जबकि उनकी संपत्ति छह करोड़ से अधिक की बताई जा रही है.

इंदौर| भ्रष्टाचार की सूचना मिलने के बाद इंदौर प्रशासन ने एक बड़ी कार्रवाई की है. जिसमें नगर पालिका के मुख्य अधिकारी द्वारा करोड़ों रुपए की काली कमाई कर ली गई. इस पर पुलिस ने उनके यहां दबिश दी और करोड़ों रुपए की संपत्ति के अभिलेख भी बरामद किए हैं.

लोकायुक्त उज्जैन ने बड़नगर के मुख्य नगर पालिका अधिकारी कुलदीप किंशूक के घर दबिश देकर करीब छह करोड़ की काली कमाई का खुलासा किया. टीम ने सुबह तीन ठिकानों उज्जैन, बड़नगर और माकड़ौन में एक साथ दबिश दी. उसके घर से करीब तीन लाख से ज्यादा नकद, 24 लाख के सोने-चांदी के जेवर, चार आलीशान मकान, जमीन, एक निर्माणाधीन होटल, 40 बैंक खाते समेत अन्य प्रॉपर्टी मिली है। इनमें से 10 खातों में ही एक करोड़ से ज्यादा नकदी जमा है. उन्होंने बताया कि नगर पालिका अधिकारी के पिता अखबार में हॉकर थे जबकि भाई उज्जैन में टिफिन संचालक हैं लेकिन कुलदीप ने कम समय में ही करोड़ों की काली कमाई कर डाली. देर शाम नगर पालिका अधिकारी को निलंबित कर दिया.

लोकायुक्त इंस्पेक्टर बसंत श्रीवास्तव ने बताया कि नगर पालिका अधिकारी कुलदीप किंशुक के खिलाफ जून 2020 में अनुपातहीन संपत्ति को लेकर शिकायत हुई थी. जांच में मामला सही पाए जाने पर सुबह टीम ने दबिश दी. जब टीम भीतर पहुंची तो उनका एक दोस्त भी सोते हुए मिला. इसके बाद उज्जैन समेत बड़नगर और माकड़ौन में तलाशी ली गई.

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उन्होंने बताया कि माकड़ौन में लाखों रुपए कैश और बड़ी मात्रा में सोने-चांदी की ज्वैलरी मिली है. उसने अपने उस दोस्त के नाम पर ही कार समेत कई संपत्ति खरीदी थी. बताया जांच में यह भी पता चला है कि इसके अलावा भी कुछ दोस्तों के नाम पर इन्होंने प्रॉपर्टी खरीदी है.

बताते चलें कि नगर पालिका अधिकारी कुलदीप ने वर्ष 2008 में पंचायत सचिव के रूप में ज्वाॅइन किया. अब तक उन्हें 22 लाख सैलरी मिली है. जबकि उनकी संपत्ति छह करोड़ से अधिक की बताई जा रही है.

 

 

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