इंदौर में मेट्रो शिलान्यास का एक साल पूरा मगर काम के नाम पर सिर्फ लोहे के पटरे

Smart News Team, Last updated: Mon, 14th Sep 2020, 4:09 PM IST
  • इंदौर में लॉकडाउन के बाद से प्रोजेक्ट का काम पूरी तरह से बंद कर दिया गया था. इंदौर प्रोजेक्ट का एमओयू 19 अगस्त 2019 को दिल्ली में भूमि पूजन 14 सितंबर 2019 को कमलनाथ सरकार में हुआ था. कार्य की धीमी गति के पीछे अधिकारी, हाईटेंशन लाइन और फ्लाईओवर के अलाइनमेंट के साथ कोरोना को सबसे बड़ी वजह बताया.
इंदौर मेट्रो

इंदौर| इंदौर में रेल प्रोजेक्ट को शुरू हुए एक साल का समय बीत चुका है. मगर यहां पर काम के नाम पर शहर के लोगों को सिर्फ रेल के पटरे लगे हुए ही दिखाई दिए. कार्य की धीमी गति के पीछे अधिकारी, हाईटेंशन लाइन और फ्लाईओवर के अलाइनमेंट के साथ कोरोना को सबसे बड़ी वजह बताया. जबकि मामला यह है कि इंदौर में लॉकडाउन के बाद से प्रोजेक्ट का काम पूरी तरह से बंद कर दिया गया था.

पता चला है कि भोपाल में इंदौर के बाद मेट्रो ट्रेन प्रोजेक्ट का भूमि पूजन हुआ. वहां पर काम की गति शुरू से ही तेज रही और उन्होंने कई किलोमीटर रेल की पटरी अभी डाल दी. मगर इंदौर में यह स्थिति बिल्कुल विपरीत रही.

बताते चलें कि नागपुर मेट्रो रेल का भूमि पूजन 31 मई 2015 को हुआ था और 21 अप्रैल 2018 से लोगों ने 6 किलोमीटर की जाय राइड शुरू कर दी. पहली कमर्शियल लाइन 9 मार्च 2019 को शुरू हुई. 50 महीने में नागपुर में 25 किलोमीटर का ट्रैक तैयार कर दिया गया था. जबकि इंदौर मेट्रो के लिए पहला टेंडर आईएसबीटी से मुमताज बाग कॉलोनी तक शुरू हुआ. इस कंपनी को 181 पिलर डालने हैं जबकि सिर्फ एक पिलर के सरिए बंधे हैं. सुपर कॉरिडोर पर कंपनी के प्लांट पर 250 गार्डर तैयार रखे हैं लेकिन पिलर तैयार न होने से गार्डर किसी काम के नहीं है.

इंदौर: दो साल से वेतन न मिलने के कारण डॉक्टर आए सामने बताई अपनी पीड़ा

इंदौर प्रोजेक्ट का एमओयू 19 अगस्त 2019 को दिल्ली में भूमि पूजन 14 सितंबर 2019 को कमलनाथ सरकार में हुआ था. इंदौर मेट्रो के लिए 7500.8 करोड़ और भोपाल मेट्रो के लिए 6941. 4 करोड रुपए स्वीकृत हुए.

 

आज का अखबार नहीं पढ़ पाए हैं।हिन्दुस्तान का ePaper पढ़ें |

अन्य खबरें