मासूम बच्चों की मां का पता लगाने के लिए पुलिस ने महिलाओं के कराए DNA टेस्ट

Smart News Team, Last updated: 01/10/2020 04:46 PM IST
  • खरीद-फरोख्त करने वाले गिरोह से मिले थे बच्चे, तीन महिलाओं के डीएनए टेस्ट करवाए है. रिपोर्ट आने के बाद ही पता चलेगा कि बच्चे उन्हीं के हैं या किसी और के
   प्रतीकात्मक तस्वीर 

इंदौर। थाना महिला पुलिस ने बच्चा खरीद-फरोख्त के मामले को लेकर तीन बच्चों की मां का पता लगाने के लिए तीन महिलाओं के डीएनए टेस्ट करवाए है. रिपोर्ट आने के बाद ही पता चलेगा कि बच्चे उन्हीं के हैं या किसी और के है वहीं पुलिस के अनुसार बच्चा खरीद-फरोख्त मामले में अब तक 11 लोगों को आरोपी बनाया है.

आरोपियों के पास से 10 दिन की बच्ची और दो महीने व दो साल के बच्चे मिले थे. जिसकी जांच में तीनों की मां का पता लगाया तो बच्ची की मां शिवपुरी के गांव पिछोर के दो महीने के बच्चे की मां सिमरोल और दो साल के बच्चे की मां धामनोद की निकली. तीनों महिलाओं और उनके संभावित बच्चों का डीएनए टेस्ट करवाया है. एक महीने बाद रिपोर्ट आने पर साफ हो जाएगा कि ये बच्चे उन्हीं के हैं. यदि किसी महिला का डीएनए मेल नहीं खाया तो आगे कड़ी कार्रवाई की जाएगी.

वहीं पुलिस के मुताबिक 11 सितंबर को क्राइम ब्रांच व महिला थाना पुलिस ने मालवा मिल चौराहे के पास से 10 दिन की बच्ची के साथ वार्डबॉय तेजकरण उर्फ बबलू और नर्स शिल्पा तेलंग को गिरफ्तार किया था. दोनों से पूछताछ में पता चला था कि उन्होंने पहले भी परदेशीपुरा में रहने वाली रीत ठाकरे को दो बच्चे बेचे हैं. एक दो महीने का है और एक दो साल का.दोनों बच्चे दो लाख 40 हजार रुपये में बेचे थे. पुलिस ने 10 महीने की बच्ची सहित दोनों बच्चों को अपने कब्जे में लिया और बच्चे खरीदने वाली महिला को भी गिरफ्तार किया था.

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इस मामले पर महिला थाना टी आई ज्योति शर्मा ने बताया कि आरोपी डॉ. रमाकांत शर्मा और ओटी टेक्नीशियन आलोक भदौरिया को तीन दिन पहले दूसरी बार रिमांड पर लिया था.

आरोपियो से दूसरी बार पूछताछ के बाद भी बच्चा बेचने की सही कहानी नहीं बताई है. रमाकांत पुलिस को उलझा रहा है. ऐसे में अब पुलिस की जांच पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।     

 

 

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