इंदौर में रेमडेसिविर की कालाबाजारी करते पकड़ा गया स्वास्थ्य विभाग का ड्राइवर

Smart News Team, Last updated: Tue, 18th May 2021, 4:08 PM IST
  • इंदौर में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए जिला स्वास्थ्य विभाग की अधिकारी डॉ. पूर्णिमा गडरिया के ड्रायवर को रेमडेसिविर की कालाबाजारी करते किया गिरफ्तार. आरोपी ड्रायवर से पूछताछ जारी.
प्रतिकात्मक तस्वीत 

इंदौर. कोरोना काल मे संजीवनी माने जा रहे रेमडेसिविर की काला बाजारी के मामले इंदौर में लगातार सामने आ रहे है. दरअसल, यहां पुलिस और क्राइम ब्रांच द्वारा ऐसे लोगो पर लगातार निगाहे रखी जा रही है जो नरपिशाच बनकर शहर में घूम रहे है और 800 रुपये से ढाई हजार रुपये के बीच की कीमत वाले इंजेक्शन को 15 हजार रुपये से लेकर 70 हजार रुपये तक बेच रहे है. इंदौर में ताजा मामला सामने आया है जिसमे रेमडेसिविर इंजेक्शन की काला बाजारी के मामले में जिला स्वास्थ्य अधिकारी का ड्राइवर पुलिस की गिरफ्त में आया है.

 

दरअसल, संजीवनी का काम कर रहे रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी करने वाले एक और आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार किया है. जो स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पूर्णिमा गडरिया का ड्रायवर बताया जा रहा है. बता दे कि पूर्व में प्रभारी सीएमएचओ रह चुकी जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पूर्णिमा गडरिया हाल ही में इंदौर कलेक्टर के व्यवहार के कारण इस्तीफा देने के मामले को लेकर चर्चा में आई थी. जानकारी के मुताबिक विजय नगर पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि 30 वर्षीय पुनीत अग्रवाल निवासी 71 ओल्ड अग्रवाल नगर किसी जरूरतमंद को 15 हजार रुपये में इंजेक्शन बेच रहा है तो पुलिस ने तत्काल मौके से जिला स्वास्थ्य अधिकारी के ड्रायवर पुनीत अग्रवाल को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर गिरफ्तार ड्रायवर से पूछताछ शुरू कर दी है. पुलिस ये जानने की कोशिश में जुटी है कि ड्रायवर पुनीत अग्रवाल इंजेक्शन लाया कहां से था. वही पुलिस ने जब्त किये गए रेमडेसिविर इंजेक्शन के सैंपल के असली होने की पुष्टि करने के लिए उसे कंपनी में भेजने तैयारी शुरू कर दी है. वही इस मामले में जानकारी ये भी सामने आई है कि पकड़ा गया ड्रायवर स्वास्थ्य विभाग से अनुबंधित कंपनी का ड्रायवर है और वह सुबह स्वास्थ्य अधिकारी को ऑफिस लेकर गया था शाम को जब अधिकारी ने घर ले जाने के लिए ड्रायवर को फोन लगाया तो उसने फोन नही उठाया और रात में वह रेमडेसिविर इंजेक्शन बेचते पकड़ा गया.

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इंदौर के पूर्वी क्षेत्र के एडिशनल एसपी राजेश रघुवंशी ने बताया कि पुलिस कार्रवाई में एक आरोपी को ऊंचे दामों पर रेमडेसिविर बेचने के दौरान पकड़ा है और पता चला है कि वो स्वास्थ्य अधिकारी का ड्राइवर है. वही उन्होंने बताया अब तक पूर्वी क्षेत्र में रेमडेसिविर की कालाबाजारी के कई प्रकरण दर्ज हुए है और 15 आरोपियो के खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई की है. फिलहाल, ताजा मामले को लेकर आगे और भी कई खुलासे हो सकते है . पुलिस तफ्तीश में जुटी हुई है.

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