साइबर फ्राड कर रही 10 कंपनियों पर पुलिस ने कसा शिकंजा, कई राडार पर

Smart News Team, Last updated: Thu, 17th Sep 2020, 11:52 PM IST
  • कंपनियों के कर्मचारियों द्वारा पीड़ितों के कंप्यूटर पर पॉपअप और फर्जी वार्निंग मैसेज भेज कर फ्रॉड किया जाता है. पीड़ितों के कंप्यूटर में एंटी वायरस के नाम पर दूसरे सॉफ्टवेयर इंस्टॉल कराये जाते हैं. पुलिस ने इन ऑनलाइन कंपनियों के कुछ ठिकानों पर छापेमारी करते हुए कार्रवाई की है.
प्रतीकात्मक तस्वीर

सीबीआई द्वारा जयपुर, दिल्ली, गुड़गांव, नोएडा, फरीदाबाद और मैनपुरी में करीब 10 जगहों पर छापेमारी की है. जिसमें पांच प्राइवेट कंपनियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है. इनमें जयपुर की दो कंपनियां शामिल है. साथ ही कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ भी रिपोर्ट दर्ज की गई है.

यह मामला साइबर फ्रॉड से जुड़ा हुआ बताया जाता है. इन कंपनियों के कर्मचारियों द्वारा पीड़ितों के कंप्यूटर पर पॉपअप और फर्जी वार्निंग मैसेज भेज कर फ्रॉड किया जाता है. बताते चलें कि पहले कंपनियों के कर्मचारियों द्वारा पीड़ितों के कंप्यूटर पर पॉपअप फर्जी वार्मिंग मैसेज भेजा जाता है. जिसके बाद इन कंपनियों के संचालक पीड़ितों के कंप्यूटर में एंटी वायरस के नाम पर दूसरे सॉफ्टवेयर इंस्टॉल कराये जाते हैं. जिसके बाद उन्हें एक्टिव रखने के निर्देश भी देते हैं तथा पीड़ितों को ऑनलाइन पेमेंट का लिंक और काल सेंटर पर फोन करने के लिए कहा जाता है.

इसी झांसे में आम उपभोक्ता फँस जाता है और वह लूट का शिकार हो जाता है. आम उपभोक्ताओं ने इन कंपनियों पर यह भी आरोप लगाया कि कंप्यूटर में किसी भी परेशानी से बचने के लिए पीड़ितों से ऑनलाइन और कॉल सेंटर के जरिए कुछ लिंक पर क्लिक कराए जाते हैं. जिसके तहत पुलिस ने सूचना के आधार पर कई जगह छापेमारी की. जिसमें पुलिस ने इन ऑनलाइन कंपनियों के कुछ ठिकानों पर छापेमारी करते हुए कार्रवाई की है. पुलिस ने मुकदमा दर्ज करते हुए कुछ कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई किए जाने के प्रयास शुरू कर दिए हैं.

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