इंदौर: ब्लैक फंगस के इलाज के लिए निजी अस्पताल ने दिया 50 लाख का एस्टिमेटेड बिल

Smart News Team, Last updated: Fri, 21st May 2021, 11:13 AM IST
  • इंदौर के निजी अस्पताल ने मरीज के परिजनों को ब्लैक फंगस के इलाज के लिए थमाया 50 लाख का बिल, अब बिल को लेकर चिकित्सा जगत में उठ रहे है कई सवाल, गुरुवार को ही सीएम ने ब्लैक फंगस के निःशुल्क इलाज की घोषणा की थी.
ब्लैक फंगस के पेशेंट की संख्या में लगातार इजाफा देखा जा रहा है .

इंदौर. मध्यप्रदेश के सीएम ने गुरुवार को इंदौर में संभाग स्तरीय कोरोना समीक्षा बैठक लेकर ब्लैक फंगस बीमारी को चुनौती बताते हुए समूचे प्रदेश के मरीजों की निःशुल्क इलाज की घोषणा की थी लेकिन उनकी घोषणा को 24 घंटे भी पूरे नही हुए की इंदौर के एक निजी अस्पताल के 50 लाख के एस्टिमेटेड बिल ने कई सवाल खड़े कर दिए है.

दरअसल, पूरा मामला इंदौर के पूर्वी क्षेत्र में स्थित सीएचएल हॉस्पिटल का है जहां ब्लैक फंगस के उपचार के लिए एक मरीज को 50 लाख रुपए का एस्टिमेट बनाकर दिया गया है. हाल ही में कोरोना को हराकर स्वस्थ हुए मरीज का नाम पंकज गुप्ता बताया जा रहा है. पोस्ट कोविड जांच के बाद मरीज में ब्लैक फंगस के लक्षण आने के बाद उसका इलाज जारी था।.मिली जानकारी के मुताबिक इस एस्टीमेट बिल को लेकर सोशल मीडिया पर एक डॉक्टर ने सवाल भी उठाए है और कहा है कि 5 हजार के एंटी फंगल इंजेक्शन के 1 लाख रुपये लिए जा रहे है जो उचित नही है. ईएनटी स्पेशलिस्ट डॉ. प्रकाश तारे का कहना है कि इतना खर्च नहीं होता है. सबसे ज्यादा सिर्फ इंजेक्शन का खर्च होता है, बाकी एंडोस्कोपिक सर्जरी होती है. जानकारी ये भी सामने आई है कि अस्पताल में भर्ती मरीज पंकज गुप्ता की ब्रेन और नाक की सर्जरी हो चुकी है. वही दंत रोग विशेषज्ञ डॉ. मनीष पाटीदार ने बताया कि इस स्थिति में 50 लाख तक का खर्च नही आ सकता है.

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इधर, मरीज की पत्नि अंशु गुप्ता के मुताबिक उनकी पूरी सेविंग्स इलाज में खर्च हो चुकी है वही 28 दिन तक चलने वाले इलाज के अभी भी 20 दिन बचे है वो जैसे तैसे मेडिकल कॉलेज से 5 इंजेक्शन बुधवार ढाई हजार प्रति इंजेक्शन के हिसाब से लाई थी और बचे हुए इंजेक्शन मार्केट से 12 हजार रुपये के हिसाब से मिल रहे है.फिलहाल, एस्टिमेटेड बिल को लेकर निजी अस्पताल कोई जानकारी साझा नही कर रहा है .वही इस बिल के सामने आने के बाद चिकित्सा जगत में हड़कंप मच गया है.

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