इंदौर: स्टॉफ नर्स की नियुक्ति को लेकर बवाल, अभ्यर्थियों ने डीन को सौंपा ज्ञापन

Smart News Team, Last updated: Fri, 28th May 2021, 9:06 PM IST
हाल ही में इंदौर में नर्सों को सरकारी नियुक्ति दी गई है . मेरिट लिस्ट के आधार पर चयनित किए बचे हुए अभ्यर्थियों का चयन अभी तक नही किया गया, जिसे लेकर इंदौर में विवाद खड़ा हो गया है.
स्टाफ नर्स के रूप में चयनित हुए अभ्यर्थियों ने जल्द नियुक्ति की रखी मांग .

इंदौर. स्टाफ नर्स के रूप में चयनित हुए अभ्यर्थियों ने शुक्रवार को एमजीएम मेडिकल कॉलेज के डीन से मुलाकात कर, स्टाफ नर्स को जल्द से जल्द नियुक्ति देने की मांग की है. स्टाफ नर्स के पद के लिए आवेदन देने वाले अभ्यर्थियों का कहना है कि वे लोग अप्रैल 2021 में स्टाफ नर्स के रूप में नियमानुसार परीक्षा देकर सफल हुए थे.

 

सफल होने के पश्चात तत्काल 236 अभ्यर्थी का चयन किया गया और प्रथम सूची जारी कर दी गई , 236 अभ्यर्थी में से 165 अभ्यर्थी चयनित करके उनकी पदस्थापना कर दी गई वही मई मे द्वितीय सूची जारी की गई जिसमे शेष बचे 71 अभ्यर्थी में से 64 अभ्यर्थी की लिस्ट निकालकर उनके डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन करा लिए गए. लेकिन उनमें से केवल 11 अभ्यर्थी को ही लिया गया. वहीं बचे अभ्यर्थियों का वेरिफिकेशन होने के बावजूद उन्हें नही लिया गया.

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अभ्यर्थी पूजा परमार ने बताया कि जिन अभ्यर्थियों का नाम प्रतीक्षा सूची में था उनका नाम द्वितीय सूची में जोड़कर उन्हें पदस्थापना दे दी गई और जिनका नाम प्रथम सूची में होने और सत्यापन करने के बाद भी पदस्थापना नही दी गई, जो अनुचित है.

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वहीं जिम्मेदारों से बात की गई तो वो क्लर्क के पाले में गेंद डाल रहे है. इसी के बाद शुक्रवार को बचे हुए अभ्यर्थियों ने सामुहिक रूप से एकत्रित होकर एमजीएम मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. संजय दीक्षित से मुलाकात की और बाकी बचे स्टाफ नर्स को जल्द से जल्द नियुक्ति देने की मांग की.

 

हालांकि एमजीएम मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. संजय दीक्षित ने बताया कि नर्सिंग स्टाफ में नियुक्ति के लिए फिलहाल, संविदा, भूतपूर्व सैनिक और रिजर्व कैटेगरी के 30 पद खाली है.फिलहाल, नर्सो की नियुक्ति को लेकर कई सवाल आज से उठने लगे और आने वाले समय नर्सो की नियुक्ति पर विवाद गहरा सकता है.

 

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