राहत इंदौरी: स्पोर्ट्स कैप्टन से बने बोर्ड पेंटर, 19 साल की उम्र में बने शायर

Smart News Team, Last updated: 11/08/2020 06:08 PM IST
  • मशहूर शायर राहत इंदौरी की दिल का दौरा पड़ने से मृत्यु हो गई है. मंगलवार को उन्हें कोरोना संक्रमित पाया गया था. उनका जीवन परेशानियों से भरा था. पढ़ाई और स्पोर्ट्स में अवल रहने वाले राहत इंदौरी के बारे में जानें कुछ खास बातें.
राहत इंदौरी: स्पोर्ट्स कैप्टन से बने बोर्ड पेंटर, 19 साल की उम्र में बने शायर

इंदौर. मशहूर शायर राहत इंदौरी का दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया. मंगलवार को सुबह उन्होंने फेसबुक, ट्विटर के जरिए जानकारी दी थी कि उन्हें कोरोना संक्रमित पाया गया है. इसी कारण उन्हें इंदौर के ऑरबिंदो हॉस्पिटल में एडमिट किया गया था. मंगलवार शाम जानकारी आई की उनका निधन हो गया है. गौरतलब हो की राहत इंदौरी को पिछले पांच दिन से बेचैनी महसूस हो रही थी और डॉक्टरों की सलाह पर उन्होंने फेफड़ों का एक्स-रे कराया था. उन्हें निमोनिया की पुष्टि हुई थी. बाद में जांच में वह कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए थे.

राहत का जन्म इंदौर में 1 जनवरी 1950 में कपड़ा मिल के कर्मचारी रफ्तुल्लाह कुरैशी और मकबूल उन निशा बेगम के घर हुआ था. वे उन दोनों की चौथी संतान थे. उनकी प्रारंभिक शिक्षा नूतन स्कूल इंदौर में हुई थी. उन्होंने इस्लामिया करीमिया कॉलेज इंदौर से 1973 में अपनी स्नातक की पढ़ाई पूरी की और 1975 में बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय, भोपाल से उर्दू साहित्य में एमए किया था. 1985 में मध्य प्रदेश के मध्य प्रदेश भोज मुक्त विश्वविद्यालय से उर्दू साहित्य में पीएचडी की उपाधि प्राप्त की.

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वो ना सिर्फ पढ़ाई में प्रवीण थे बल्कि वो खेलकूद में भी प्रवीण थे, वे स्कूल और कॉलेज स्तर पर फुटबॉल और हॉकी टीम के कप्तान भी थे. उन्होंने अपने ही शहर में एक साइन-चित्रकार के रूप में 10 साल से भी कम उम्र में काम करना शुरू कर दिया था. दुकानों के लिए किया गया पेंट कई साइनबोर्ड्स पर इंदौर में आज भी देखा जा सकता है. उन्होंने केवल 19 वर्ष की उम्र में अपने कॉलेज के दिनों में अपनी पहली शायरी सुनाई थी.

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राहत इंदौरी ने मंगलवार को ट्वीट किया था जिसमें कहा था कि कोविड के शरुआती लक्षण दिखाई देने पर कल मेरा कोरोना टेस्ट किया गया, जिसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आयी है. ऑरबिंदो हॉस्पिटल में एडमिट हूं. दुआ कीजिये जल्द से जल्द इस बीमारी को हरा दूं. एक और इल्तेजा है, मुझे या घर के लोगों को फोन ना करें, मेरी खैरियत ट्विटर और फेसबुक पर आपको मिलती रहेगी.

 

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