इंदौर में सुप्रीम कोर्ट ने दिये निजी मेडिकल कॉलेजों में सीट भरने के निर्देश

Smart News Team, Last updated: Thu, 4th Feb 2021, 7:37 PM IST
  • इंदौर के निजी मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश लेने वाले राज्य सरकार के नियमों को सुप्रीम कोर्ट ने अवैधानिक करार दिया है. इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने सभी निजी मेडिकल कॉलेजों को खाली सीटें तुरंत ही भरने के निर्देश दिये हैं.
सुप्रीम कोर्ट (फाइल तस्वीर)

इंदौर के निजी मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश लेने वालों के लिए सुप्रीम कोर्ट ने सुविधाओं के दरवाजे खोल दिये हैं. कॉलेजों में प्रवेश पाने के राज्य सरकार के नियमों को अवैधानिक करार देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने सभी निजी मेडिकल कॉलेजों को खाली सीटें तुरंत ही भरने के निर्देश दिये हैं. निजी मेडिकल कॉलेजों में विद्यार्थियों को प्रवेश देने के लिए सरकार को विशेष काउंसलिंग करवाने भी आवश्यकता है.

बताया जा रहा है कि अगली बार से तीन राउंड की काउंसलिंग के बाद कॉलेज खाली सीटों को अपने ही स्टर पर भर सकता है. इससे पहले सीटें खाली होने केबाद भी सरकार द्वारा निजी कॉलेजों को उन्हें भरने की अनुमि नहीं थी. ऐसे में प्रदेश के सभी निजी कॉलेजों की और से हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ में याचिका दायर की गई थी. लेकिन हाईकोर्ट ने नियमों का हवाला देते हुए प्रवेश की अनुमति देने से इंकार कर दिया था.

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अधिवक्ता सिद्धार्थ राधेलाल गुप्ता ने सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दायर की. ऐसे में मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस एल. नागेश्वर राव और जस्टिस इंदिरा बैनर्जी की खंडपीठ ने सरकार के नियमों को अवैधानिक करार दिया. सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अब सरकार को रिक्त सीटों के लिए विशेष काउंसलिंग करानी होगी. सभी कॉलेजों की सीट फुल करना अनिवार्य कर दिया गया है. सरकार द्वारा आयोजित होने वाली काउंसलिंग पर एक ही सीट पर करीब 10 दावेदारों के होने की व्यवस्था रखी जाएगी और बाद में मेरिट के आधार पर उन्हें प्रवेश दिया जाएगा.

 

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