इंदौर को बेगर फ्री यानी भिक्षुक मुक्‍त बनाने की योजना है पांच महीनों से बन्द

Smart News Team, Last updated: 21/09/2020 09:26 AM IST
  • इंदौर. भिक्षुक मुक्‍त बनाने की योजना करीब 10 माह पहले बनाई थी.लेकिन पिछले पांच माह से शहर में भिक्षा मांगने वालों के खिलाफ चाइल्ड लाइन व महिला एवं बाल विकास विभाग की मुहिम ही नहीं चल रही है.
प्रतीकात्मक तस्वीर

इंदौर। इंदौर सहित देश के चुनिंदा शहरों को केंद्र सरकार ने 'बेगर फ्री' यानि भिक्षुक मुक्‍त बनाने की योजना करीब 10 माह पहले बनाई थी, लेकिन पिछले पांच माह से शहर में भिक्षा मांगने वालों के खिलाफ चाइल्ड लाइन व महिला एवं बाल विकास विभाग की मुहिम ही नहीं चल रही है.

आपको बतादे के कोरोना संक्रमण के बाद कई लोगों का रोजगार छिन जाने से तीन-चार माह में शहर के चौराहों पर भिक्षा मांगने वाले बच्चों की संख्या में भी इजाफा हुआ. संक्रमण के डर से अभी इन बच्चों को रेस्क्यू कर सुधारगृह भी नहीं भेजा जा रहा है.

वही चाइल्ड लाइन की टीम कुछ दिनों से चौराहों पर ऐसे बच्चों व उनके स्वजन के पास जाकर उन्हें सिर्फ समझाइश ही दे पा रही है.एमजी रोड, सरवटे बस स्टैंड व धार्मिक स्थलों के आसपास अब भी कई भिक्षुक बैठ रहे हैं. कई सामाजिक संगठन इनके लिए भोजन, दवाई व कपड़े का इंतजाम करते हैं. शहर में इन लोगों के लिए भिक्षुक गृह भी बनाया गया है.लेकिन वहां भी गिने-चुने भिक्षुक रहते हैं।

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वही निगम ने सर्वे कर एक रिपोर्ट भेजी थी . केंद्र सरकार ने इस प्रोजेक्ट के लिए निगम को नोडल एजेंसी बनाया था जिसके बाद निगम ने शहर में भिक्षा मांगने वालों का सर्वे कर एक रिपोर्ट बनाकर केंद्र को भेजी थी. इंदौर के साथ साथ केंद्र सरकार की कई ओर शहरों को भी बेगर फ्री बनाने की योजना है।

 

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