इंदौर में भी थमे रेत ढोने वाले ट्रकों के पहिये, जानें क्यों?

Smart News Team, Last updated: Fri, 25th Dec 2020, 7:02 PM IST
  • होशंगाबाद व भोपाल के रेत व्यापारी 15 दिसंबर से ही हड़ताल पर हैं. अब उनकी इस हड़ताल को इंदौर रेत मंडी व्यापारी एसोसिएशन ने भी समर्थन देते हुए 24 दिसंबर रात 12 बजे से हड़ताल करने की घोषणा कर दी है. एसोसिएशन की मांग है कि खदानों से रेत सही मात्रा में दी जाए. साथ ही पुलिस की अवैध वसूली बंद हो.
हड़ताल पर बैठे ट्रांसपोर्टर

इंदौर. मध्य प्रदेश में खदानों से रेत निकालकर उसे एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाने वाले ट्रकों की पहिये रोक दिए गए हैं. ट्रक मालिकों ने अनिश्चकालीन हड़ताल की घोषणा की है. हड़ताल करने की मुख्य वजह पुलिस की अवैध वसूली और कम माल की लोडिंग करना है. होशंगाबाद व भोपाल के रेत व्यापारी 15 दिसंबर से ही हड़ताल पर हैं. अब उनकी इस हड़ताल को इंदौर रेत मंडी व्यापारी एसोसिएशन ने भी समर्थन किया है. 

24 दिसंबर रात 12 बजे से इंदौर रेत मंडी एसोसिएशन ने भी हड़ताल करने की घोषणा कर दी है. रेत मंडी व्यापारी एसोसिएशन के अध्यक्ष मोहन शर्मा एवं सचिव मनीष अजमेरा ने बताया कि इंदौर में 600 मेंबर्स हैं और 1000 से ज्यादा वाहन हैं. उनकी मांग है कि खदानों से रेत सही मात्रा में दी जाए. जितनी रॉयल्टी देते हैं, उतना ही माल चाहिए. पुलिस प्रशासन द्वारा जो अवैध वसूली की जाती है, वो बंद हो. इसके विरोध में अनिश्चितकालीन हड़ताल की घोषणा की है. उन्होंने बताया कि खदान ठेकेदार द्वारा रेत का पूरा मूल्य लिया जाता है और रॉयल्टी कम की दी जाती है. यानी रेत की मात्रा अनुरूप रॉयल्टी नही दे रहे हैं, जिसके विरोध में यह हड़ताल की गई है. 

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नोटबंदी व लॉकडाउन के चलते निर्माण उद्योग व रेत व्यापार पहले से ही बर्बाद हो चुका है. ऐसे में रेत ट्रांसपोर्टर सरकार की गलत नीतियों व निरंकुश अफसरशाही व लालफीताशाही से त्रस्त है. प्रदेशभर के रेत ट्रांसपोर्टरों के हड़ताल को समर्थन मिल रहा है. देवास रेत व्यापारी भी 25 दिसंबर से हड़ताल कर रहे हैं. सीहोर, अलीराजपुर और रतलाम के रेत व्यापारियों ने भी हड़ताल का समर्थन किया है.

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