तुलसी सिलावट बोले- सिंधिया के पार्टी छोड़ने के बाद कांग्रेस के पास कुछ नहीं बचा

Smart News Team, Last updated: 04/09/2020 05:33 PM IST
  • स्व. निर्भय सिंह पटेल की जयंती के मौके पर मध्य प्रदेश के जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट ने कांग्रेस पर बोला हमला. सिलावट बोले - कांग्रेस ने प्रदेश के हर वर्ग को सिर्फ छला है.
तुलसी सिलावट

इंदौर| मध्य प्रदेश के जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट ने एक बार फिर कांग्रेस पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा है कि ज्योतिरादित्य सिंधिया के पार्टी से जाने के बाद कांग्रेस में बचा क्या है? भाजपा को अपनी मां बताते हुए सिलावट ने कहा कि 2018 का चुनाव कांग्रेस ने सिंधिया के चेहरे पर लड़ा था. अब वे भाजपा में हैं. यह बात उन्होंने स्वर्गीय निर्भय सिंह पटेल की जयंती के मौके पर कही। मंत्री ने भाजपा नेताओं और कार्यकर्ता की मौजूदगी में इंदौर के सर्वानंद नगर में राजीव गांधी चौराहा स्थित पटेल की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया.

सिलावट ने कहा कि कांग्रेस धरातल में चली गई है. 2018 का चुनाव भाजपा ने 'माफ करो महाराज, हमारे नेता शिवराज' स्लोगन पर लड़ा था. अब जब सिंधिया भाजपा में शामिल हो गए हैं, तो कांग्उरेस के पास सिवाय आरोप लगाने के बचा ही क्नया है. अब कांग्रेस के नेता सिंधिया से पूछ रहे हैं कि 2 लाख रुपए के कर्जमाफी का क्या हुआ. मंत्री ने कहा कि कांग्रेस ने पूरे प्रदेश के लोगों के साथ छल किया है।

सीधे खेत में ले जाकर करवाएं सर्वे

सिलावट ने कहा कि प्राकृतिक आपदा की वजह से किसानों की फसल खराब हुई है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने संबंधित अधिकारियों को किसानों के नुकसान संबंधी जानकारी जुटाने और सर्वे के निर्देश दे दिए हैं. मंत्री ने किसानों ने अनुरोध किया कि जो भी सर्वे करने आए वह सीधे खेत में जाए और सर्वे करे. किसान यह जरूर देखें, ताकि किसानों को बीमे का ज्यादा से ज्यादा लाभ मिल सके.

प्रेरणादायी हैं 'दादा' द्वारा किए गए काम

सिलावट ने कहा कि जनता की सेवा करना और उनके सुख-दुख में खड़े रहना, समाज के हर वर्ग की चिंता करना और समाज हित में काम करना ही स्वर्गीय निर्भय सिंह पटेल 'दादा' की पहचान है, जो आज भी प्रेरणादाई है. उन्होंने कहा कि कृषक नेता के तौर पर स्व. पटेल ने समाज के हर वर्ग का ध्यान रखा. वहीं, प्रदेश भाजपा की महामंत्री कविता पाटीदार ने कहा कि आज जो संगठन खड़ा है, उसमें दादा की महत्वपूर्ण भूमिका है।

 

आज का अखबार नहीं पढ़ पाए हैं।हिन्दुस्तान का ePaper पढ़ें |

अन्य खबरें