विजयवर्गीय की पूजा से महाकाल भस्म आरती 30 मिनट लेट, CM से शिकायत करेंगे पुजारी

Smart News Team, Last updated: Fri, 13th Aug 2021, 10:47 PM IST
  • उज्जैन के महाकाल मंदिर में नागपंचमी के मौके पर पुजारियों को भस्म आरती से रोककर पूजा करने के बाद बीजेपी नेता कैलाश विजयवर्गीय विवाद में फंस गए हैं. मंदिर के पुजारी ने कहा है कि मंदिर की परंपरा टूटी है और भस्म आरती समय से शुरू नहीं हो सकी. पुजारी ने कहा है कि वो सीएम शिवराज सिंह चौहान ने इसकी शिकायत करेंगे और वीआईपी दर्शन की समस्या का समाधान करने की मांग करेंगे.
उज्जैन महाकालेश्वर मंदिर भस्म आरती में कैलाश विजयवर्गीय के शामिल होने पर बवाल मचा.

इंदौर. उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर की भस्म आरती के दौरान मंदिर के पुजारी के अलावा किसी के मौजूद नहीं होने का नियम तोड़कर कैलाश विजयवर्गीय समेत चार बीजेपी नेताओं ने नागपंचमी पर पूजा पाठ किया जिसके बाद बड़ा बवाल हो गया है. मंदिर के पुजारियों ने कहा है कि वो मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से इस बात की शिकायत करेंगे क्योंकि वीआईपी दर्शन ठीक चीज नहीं है.

मंदिर के मुख्य पुजारी अजय पंडित और सजय पुजारी ने कहा कि बीजेपी नेताओं के दर्शन के कारण महाकाल की भस्म आरती आधा घंटा लेट से शुरू हुई. दोनों ने आरोप लगाया है कि बीजेपी नेताओं के पूजा के दौरान उन्हें मंदिर में घुसने नहीं दिया गया. मंदिर के एक और पुजारी ने बताया कि नागपंचमी के मौके पर कैलाश विजयवर्गीय समेत चार बीजेपी नेता सुबह 3 बजे पहुंचे और गर्भगृह में दूध और जल चढ़ाया.

पुजारी ने कहा कि कैलाश विजयवर्गीय की पूजा के दौरान मंदिर प्रशासन ने गेट बंद कर दिए थे और सीसीटीवी ऑफ कर दिया था. भस्म भारती के दौरान पुजारी के अलावा किसी के भी गर्भगृह में जाने पर रोक है. पुजारी ने कहा कि वो मंदिर की गेट पर 45 मिनट तक अंदर जाने की इजाजत का इंतजार करता रहा. पुजारी ने कहा- "वीआईपी दर्शन के कारण मंदिर की परंपरा टूट गई. भस्म आरती का समय सुबह 4 बजे से 5 बजे है. बीजेपी नेताओं की पूजा के कारण ये 4.30 बजे शुरू हो सका. प्रशासन वीआईपी दर्शन को लेकर इतनी गोपनीयता बरत रहा था कि उसने सारे गेट ही बंद करवा दिए". 

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पंडित ने कहा कि वो मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के सामने इस मामले को उठाएंगे और वीआईपी दर्शन की समस्या का समाधान करने की मांग करेंगे. भस्म आरती करने वाले पंडित ने कहा कि वीआईपी दर्शन ठीक तरीका नहीं है. मंदिर के गेट बंद करने का आदेश देने वाले पदाधिकारी दिनेश जायसवाल ने कहा कि उन्हें आदेश मिला था जिसका उन्होंने पालन किया. कैलाश विजयवर्गीय ने इस पर कुछ भी बोलने से मना कर दिया है.

उज्जैन के कलेक्टर आशीष सिंह ने मामले की जांच का आदेश दिया है. हालांकि डीएम ने कहा- "भस्म आरती में देरी नहीं हुई. हमने सीसीटीवी फुटेज चेक किया है. लेकिन मैंने अहले सुबह वीआईपी एंट्री की जांच का आदेश दिया है. मैंने ये भी देखने कहा है कि क्या सीसीटीवी ऑफ किए गए थे और किसने गेट बंद करने कहा था." 

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