इंदौर: 80 साल की उम्र में बुजुर्ग ने दी कोरोना को मात, घर पर रहकर ही लड़ी लड़ाई

Smart News Team, Last updated: Mon, 17th May 2021, 2:13 PM IST
इंदौर में 80 साल के बुजुर्ग ने घर पर रहकर हो दी कोरोना को मात दी। परिजनों ने घर पर रखकर इलाज का लिया था फैसला, सेल्फ मोटिवेशन और टीवी देखकर आत्मबल बढ़ाते हुए बुजुर्ग ने गंभीर हालत में पहुंचने के बावजूद दी कोरोना को मात.
प्रतिकात्मक तस्वीर 

इंदौर. मध्यप्रदेश के इंदौर में 80 साल के बुजुर्ग ने घर पर रहकर ही कोरोना को मात दे दी. दरअसल, बुजुर्ग की हालत फैमिली डॉक्टर ने बेहद क्रिटिकल बताई थी और सलाह दी थी कि उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाये लेकिन परिजनों ने बुजुर्ग का इलाज घर पर ही कराने का फैसला लिया.

मिली जानकारी के मुताबिक इंदौर के सैफी नगर में रहने वाले 80 वर्षीय अब्दुल हुसैन सैफी अल्ताफ ने घर पर ही रहकर कोरोना को मात दी है. कोरोना के शुरुआती दौर में जब बुजुर्ग की जांच रिपोर्ट डॉक्टर्स ने देखी तो उस समय ही उन्हें क्रिटिकल बताया गया था. जिसके बाद परिजनों ने हालत गंभीर होने पर फैमिली डॉक्टर को दिखाया लेकिन उन्होंने भी अस्पताल में भर्ती करने की सलाह परिजनों को दी. इधर, रमजान का पाक महीना चल रहा था ऐसे में परिजनों ने रमजान के दौरान बुजुर्ग का घर पर ही रखकर इलाज कराने का फैसला लिया.

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हालांकि डॉक्टर की चेतावनी के बावजूद परिवार वालो ने आपसी सहमति से घर पर ही इलाज शुरू करवाया. कोरोना की जंग जीत चुके बुजुर्ग अब्दुल हुसैन सैफी अल्ताफ के बेटे मुस्तफा सैफी ने बताया कि रमजान के दौरान उनके पिता का इलाज घर पर ही चला. वही इलाज के दौरान उन्होंने सेल्फ मोटिवेशन के साथ ही हिम्मत भी दिखाई. इलाज के दौरान वो रमजान में टीवी से प्रसारित होने वाली कुरआन की मजलिस, मौला के बयान और मातम की मजलिस भी 80 वर्षीय वृद्ध ने घर पर ही देखी, जिससे संक्रमण ग्रस्त अल्ताफ को सकारात्मक ऊर्जा के साथ हिम्मत मिली और घर पर ही ईद भी परिजनों के साथ मनाई.इधर, परिवार की इस बार की ईद की खुशियां इसलिये दोगुनी हो गई क्योंकि उनके घर के मुखिया ने इलाज के साथ ही इस उम्र में अपने हौंसलो से कोरोना को मात दी है.

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