आर्य और द्रविड़ शैली पर हुआ था इंदौर के अन्नपूर्णा माता मंदिर का निर्माण

Smart News Team, Last updated: Sat, 31st Jul 2021, 11:29 PM IST
  • इंदौर के अन्नपूर्णा मंदिर का निर्माण भारतीय, द्रविण और आर्य शैली में किया गया है. यूं तो यह मंदिर भोजन की देवी अन्नपूर्णा माता को समर्पित है, लेकिन मंदिर परिसर में भगवान शिव, हनुमान और कालभैरव को समर्पित कई छोटे मंदिर भी बनाए गए हैं.
मंदिर की बनावट वाकई में बहुत ही खूबसूरत तरीके से कई गई है. यहां प्रवेश द्वार पर हाथियों की चार मूर्तियां लगाई गई हैं. (Credit: Government of MP Site)

ऐतिहासिक शहर इंदौर अपनी इमारतों के लिए खूब जाना जाता है. यहां मौजूद इमारतें इंदौर शहर के गौरवशाली इतिहास को भी बयां करती हैं. लेकिन इमारतों के साथ-साथ यहां मौजूद मंदिर भी पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र है. इन्हीं तीर्थस्थलों में से एक है इंदौर का अन्नपूर्णा माता का मंदिर, जिसका निर्माण भारतीय, द्रविण और आर्य शैली में किया गया है. यूं तो यह मंदिर भोजन की देवी अन्नपूर्णा माता को समर्पित है, लेकिन मंदिर परिसर में भगवान शिव, हनुमान और कालभैरव को समर्पित कई छोटे मंदिर भी बनाए गए हैं.

मंदिर की बनावट वाकई में बहुत ही खूबसूरत तरीके से कई गई है. यहां प्रवेश द्वार पर हाथियों की चार मूर्तियां लगाई गई हैं, जो कि मंदिर के आकर्षण केंद्रों में से एक है. अन्नपूर्णा मंदिर को इंदौर का सबसे पुराना मंदिर भी माना जाता है. इसकी स्थापना 9वीं शताब्दी में हुई थी. अन्नपूर्णा माता के मंदिर की ऊंचाई करीब 100 फीट से भी ज्यादा है. इस मंदिर की अद्भुत स्थापत्य शैली विश्व प्रसिद्ध मदुरै के मीनाक्षी मंदिर जैसी प्रतीत होती है. अन्नपूर्णा माता के मंदिर की बाहरी दीवारों पर रंगीन पौराणिक छवियां भी बनाई गई हैं, जो देखने में काफी आकर्षक लगती हैं. कहा जाता है कि मंदिर का मुख्य आकर्षण कमल में बैठे भगवान काशी के साढ़े चौदह फूट ऊंची मूर्ति है.

 

अन्नपूर्णा माता के मंदिर की बाहरी दीवारों पर रंगीन पौराणिक छवियां भी बनाई गई हैं, जो देखने में काफी आकर्षक लगती हैं. (Credit: Government of MP Site)

इस मंदिर में नवरात्री के समय में अलग-अलग यजमान आरती करते हैं और जो भी यजमान आरती के लिए गर्भगृह में जाता है, उसका धोती पहनना जरूरी होता है. हालांकि माता की आरती के पहले यहां भगवान शिव की आरती की जाती है और नवरात्री में अष्टमी के दिन यहां महाआरती का भी आयोजन होता है.

कैसे पहुंचें: इंदौर के देवी अहिल्याबाई होलकर एयरपोर्ट से अन्नपूर्णा माता के मंदिर की दूरी महज 4.6 किलोमीटर है, ऐसे में पर्यटक 14 मिनट में आसानी से यहां पहुंच सकते हैं. इसके अलावा रेलवे स्टेशन से भी मंदिर की दूरी केवल 4.6 किलोमीटर है, जिससे पर्यटक लाल बाघ रोड के जरिए यहां तक आसानी से आ जा सकते हैं.

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