इंदौर के जिला अस्पताल में बॉडी फ्रीजर बंद, निजी अस्पताल वसूल रहे मनमानी रकम

Smart News Team, Last updated: 15/12/2020 12:50 PM IST
  • इंदौर के जिला अस्पताल में करीब 10 लाख रुपए की लागत से 2007-08 में बॉडी फ्रीजर लगाए गए थे. इनकी क्षमता एक समय में चार शव रखने की थी. जिला अस्पताल से लगे चंदन नगर, सिरपुर, नूरानी नगर सहित पूरे शहर से यहां शव रखने के लिए आते थे. जिला अस्पताल में यह सुविधा नाममात्र शुल्क पर उपलब्ध थी.
सांकेतिक फोटो

इंदौर. इंदौर के जिला अस्पताल में 13 साल पहले 10 लाख रुपये से ज्यादा की रकम खर्च कर बॉडी फ्रीजर लगवाए गए थे, ताकि आम जनता को शव रखने के लिए निजी अस्पतालों की मनमानी का शिकार न होना पड़े. लेकिन, ये बॉडी फ्रीजर बंद पड़े हैं. इसका फायदा उठाकर निजी अस्पताल बॉडी रखने के लिए मृतकों के परिजनों से मनमाना रकम वसूल रहे हैं.

जिला अस्पताल में ये बॉडी फ्रीजर 2007-08 में लगाए गए थे. इनकी क्षमता एक समय में चार शव रखने की थी. जिला अस्पताल से लगे चंदन नगर, सिरपुर, नूरानी नगर सहित पूरे शहर से यहां शव रखने के लिए आते थे. अस्पताल में यह सुविधा नाममात्र शुल्क पर लिए उपलब्ध थी. इन बॉडी फ्रीजरों पर 10 लाख रुपए से ज्यादा का खर्च आया था. बॉडी फ्रीजर लगने के कुछ समय तक तो व्यवस्था सुचारू रूप से चलती रही, लेकिन देखरेख के अभाव में इन बॉडी फ्रीजरों ने काम करना बंद कर दिया. हालत यह है कि अस्पताल के पोस्टमार्टम कक्ष में पड़े-पड़े बॉडी फ्रीजर जंग के शिकार हो रहे हैं. सरकारी अस्पताल में शव रखने की व्यवस्था नहीं होने की वजह से आम जनता को निजी अस्पतालों का मुंह तांकना पड़ता है. 

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निजी अस्पताल एक रात का शव रखने के दो से तीन हजार रुपए तक वसूल रहे हैं. शवों की फजीहत को लेकर कई बार विवाद की स्थिति भी बनती है, लेकिन कोई सुनवाई करने वाला नहीं है. ऐसे में आम जनता खुद को ठगा महसूस कर रही है.

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