इंदौर की पुरानी कहानी बताता है सेंट्रल म्यूजियम, जानें कैसे हुआ सभ्यता का विकास

Smart News Team, Last updated: Wed, 4th Aug 2021, 9:36 AM IST
  • बात अगर इंदौर के इतिहास की हो और यह जानना हो कि यहां समृद्ध सभ्यता का विकास कैसे हुआ तो इंदौर का सेंट्रल म्यूजियम बेस्ट ऑप्शन साबित हो सकता है. इंदौर का सेंट्रल म्यूजियम परमार मूर्तियों के बारे में जानकारियां प्राप्त करने के लिए भी शानदार जगह है.
इंदौर का सेंट्रल म्यूजियम परमार मूर्तियों के बारे में जानकारियां प्राप्त करने के लिए भी शानदार जगह है.(Credit: Government of MP Site)

मध्य प्रदेश का शहर इंदौर आज भी अपने गौरवशाली इतिहास, रहन-सहन और जायके के लिए खूब जाना जाता है. स्वच्छता के मामले में तो यह शहर सबसे आगे है ही, साथ ही अपने खान-पान को लेकर भी यह हमेशा चर्चा में बना रहता है. वहीं बात अगर इंदौर के इतिहास की हो और यह जानना हो कि यहां समृद्ध सभ्यता का विकास कैसे हुआ तो इंदौर का सेंट्रल म्यूजियम बेस्ट ऑप्शन साबित हो सकता है.

इंदौर का सेंट्रल म्यूजियम परमार मूर्तियों के बारे में जानकारियां प्राप्त करने के लिए भी शानदार जगह है. कहा जाता है कि इन मूर्तियों की उत्पत्ति इंदौर में ही हुई थी. ऐसे में इंदौर संग्रहालय में समृद्ध और विविध हिंदू और जैन धर्म से जुड़ी मूर्तियों को रखा गया है. मूर्तियों के अलावा इंदौर के सेंट्रल म्यूजियम में लोगों को प्रागैतिहासिक काल की कलाकृतियों, सिक्कों, हथियारों, पौराणिक नक्काशियों काफी संग्रह देखने को मिलेगा.

 

इस संग्रहालय को स्थापित करने का मुख्य उद्देश्य महान व्यक्तित्व की तस्वीरों और उनसे जुड़े दस्तावेजों को एकत्रित करना था.(Credit: Government of MP Site)

इंदौर संग्रहालय की स्थापना साल 1923 में हुई थी. इस संग्रहालय को स्थापित करने का मुख्य उद्देश्य महान व्यक्तित्व की तस्वीरों और उनसे जुड़े दस्तावेजों को एकत्रित करना था. हालांकि बाद में म्यूजियम को उस बिल्डिंग में शिफ्ट कर दिया था, जहां वह वर्तमान समय में है. साल 1975 में देवी अहिल्या मुद्दा विट्ठी के नाम से यहां पुराने सिक्कों और प्राचीन काल से जुड़ी चीजों के संग्रह के लिए गैलरी का निर्माण किया गया.

साल 1975 में देवी अहिल्या मुद्दा विट्ठी के नाम से यहां पुराने सिक्कों और प्राचीन काल से जुड़ी चीजों के संग्रह के लिए गैलरी का निर्माण किया गया.(Credit: Government of MP Site)

यूं तो म्यूजियम में कई खास तरह की प्रतिमाएं दखने को मिलती हैं, लेकिन यहां मौजूद पत्थर भी लोगों के आकर्षण का केंद्र हैं. कहा जाता है कि यहां मौजूद कुछ पत्थरों को मंदसौर के हिंलाजगढ़ से खोजा गया था और बाद में म्यूजियम में सजाया गया था. इसके अलावा यहां कई प्रकार के हथियार भी रखे गए हैं, जो लोगों का खूब ध्यान खींचते हैं.

इंदौर के सेंट्रल म्यूजियम में एंट्री करने के लिए जहां भारतीय नागरिकों को 10 रुपये चुकाने होंगे तो वहीं विदेशी लोगों को 100 रुपये अदा करने होंगे. हालांकि 15 साल से कम उम्र के बच्चों और दिव्यांग लोगों की एंट्री टिकट नहीं लगती है. वहीं बात अगर म्यूजियम में फोटोग्राफी की है तो इसके लिए 50 रुपये और वीडियो ग्राफी के लिए 200 रुपये का भुगतान करना होगा.

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