इंदौर: लॉक डाउन के साइड इफेक्ट-किसान ने 2 बीघे जमीन में उगाई भिंडी भेड़ों को खिलाई

Smart News Team, Last updated: Wed, 26th May 2021, 11:25 AM IST
  • इंदौर के देपालपुर में 2 बीघे की भिंडी किसान ने भेड़ों को खिला दी 2 दिन पहले भी डेढ़ बीघा भिंडी में ट्रेक्टर से हकाई की थी, मंडियां बंद होने से किसान सब्जी नहीं बेच पा रहे है जिसके चलते उन्हें बड़ा आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है
 लॉकडाउन में खेतों में सब्जियां हो रही बर्बाद .

इंदौर. इंदौर जिले की देपालपुर तहसील के गांव चटवाड़ा में किसान गोविंद ने करीब 4 बीघे खेत में भिंडी की फसल लगाई थी. फसल तैयार हुई तो उधर मंडी बंद होने के आदेश जिला प्रशासन ने जारी कर दिए. इस पर किसान ने सब्जी लगे खेत में 2 दिन पहले ट्रैक्टर से हंकाई कर दी. वहीं, मंगलवार को दूसरे खेत में खड़ी भिंडी की फसल को भेड़ों के खाने के लिए छोड़ दिया.

 

किसान गोविंद चंदेल ने बताया कि दोनों खेतों में प्रति बीघा 6 किलो भिंडी का बीज लगाया था. 3800 रुपए किलो के हिसाब से खाद, बीज, हंकाई, जुदाई में हजारों रुपए खर्चे करके केवल तीन बार ही मंडी में फसल बेच पाए हैं. अब मंडियां बंद होने से भिंडी बिक नहीं रहीं, जबकि मेरी लागत तो लग चुकी है. मजदूरों से भिंडी तुड़वाई के पैसे भी लग रहे थे. इसी वजह से मैंने अपने खेत में भेड़ों को बुलाकर पूरी फसल चरवा दी. 2 दिन पहले भी खड़ी फसल को ट्रैक्टर से मजबूर होकर हांक दी थी.

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 लगभग हर सब्जी उत्पादक किसान के हालात ऐसे ही हैं. तरबूज व धनिया भी बड़ी मात्रा में खेतों में खराब हो रहा है. किसान नेता बबलू जाधव का कहना है कि प्रशासन द्वारा तत्काल मंडी बंद करने का फैसला गलत था . 

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 किसान नेता ने कहा कि किसानों की पीड़ा सुनने वाला कोई नहीं है ना प्रशासन इस ओर ध्यान दे रहा ना ही सत्ता में बैठे जनता के जनप्रतिनिधि सभी ने किसानों को अपने हाल पर छोड़ दिया है. किसान बुरी तरह से बेहाल है पिछले साल भी किसानों को कोई राहत नहीं दी वहीं इस साल भी किसानों को अनदेखा किया जा रहा है किसानों को नुकसान हो रहा उसकी क्षती पूर्ति तत्काल की जावे साथ ही मंडियों को भी चालू कि जानी चाहिए जिससे बची कुची फसलें किसान बेच सकें .

 

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