इंदौर में मनाई गई खुशियों भरी ईद, कोरोना के चलते कई परम्पराएँ टूटी

Smart News Team, Last updated: Fri, 14th May 2021, 3:42 PM IST
  • इंदौर में कोरोना संकट के बीच मनी ईद ,ऑनलाइन दी जा रही है मुबारकबाद, 50 साल पहले से चली आ रही परंपरा भी कोरोना के कारण टूटी .
प्रतिकात्मक तस्वीर 

इंदौर. मध्यप्रदेश के इंदौर में भी समूचे भारत की ही तरह कोविड नियमों का पालन कर ईद मनाई जा रही है . यहां न तो इस बार जनता कर्फ्यू के कारण सड़को पर जनता की भीड़ खरीदी के लिए उमड़ी और ना ही सदर बाजार स्थित ईदगाह पर सामूहिक नमाज अदा की गई . इतना ही नहीं ईद की खुशियों में कोरोना ने जो खलल डाली है उसके कारण 50 साल पुरानी परंपरा भी टूट गई . दरअसल, इंदौर में शहर  काजी डॉ. इशरत अली को उनके राजमोहल्ला स्थित निवास से कौमी एकता की मिसाल पेश कर रिजर्व फोर्स द्वारा विशेष बग्घी में ईदगाह तक ले जाया जाता है लेकिन इस बार ऐसा नही हो सका.

 

वही खजराना, आजाद नगर, चंदन नगर, जुनारिसाला, बम्बई बाजार, रावजी बाजार सहित अन्य क्षेत्रो में लोगो ने सोशल डिस्टेसिंग के नियम का पालन करने में भलाई समझी और अपने अपने घरों में ही रहकर नमाज अता की और ईद की मुबारकबाद ऑनलाइन वीडियो कॉलिंग के कर के  दी.

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 बता दे कि इंदौर में सभी त्यौहार बड़े ही हर्ष उल्लास से मनाए जाते हैं लेकिन पिछले वर्ष की तरह इस वर्ष भी कोरोना की आफत के चलते कई त्यौहार फीके नजर आ रहे हैं इसी कड़ी में रमजान के पाक माह के 30 दिनों तक रोजा रखने के बाद ईद पर कोरोना गाइडलाइन का पालन करते हुए घरों में ही ईबादत कर कोरोना महामारी को समाप्त करने के लिए दुआ मांगी. वही अन्य परिजनों से मेल मुलाकात नहीं होने के चलते केवल उनसे ऑनलाइन मुलाकात कर एक दूसरे को शुभकामनाएं दी और जल्द ही मुलाकात की बात कर ऑनलाइन ही खैरियत भी पूछी. अब्दुल मजीद नामक शख्स ने बताया कि हिंदुस्तान को कोरोना से मुक्ति मिले ये ही दुआ की गई है साथ ही लोगो से उन्होंने अपील की लोग सरकार के नियमो का पालन करे ताकि कोरोना को हराया जा सके.

वही ईद के त्यौहार को लेकर बच्चे बुजुर्ग व जवानों में खासा उत्साह देखा जाता है .लेकिन इस बार भी कोरोना के कारण बच्चों में त्यौहार को लेकर मायूसी साफ तौर पर देखने को मिली. बच्चों का कहना था कि पहले त्यौहारों पर हम एक दूसरे के घर जाकर ईद की मुबारकबाद दिया करते थे और मेल मिलाप कर त्यौहार को बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाते थे . लेकिन इस वर्ष हम कहीं पर भी नहीं जा रहे हैं और केवल घर में ही रहकर इस त्यौहार की खुशियां मना रहे है.

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