इंदौर में सामुदायिक शौचालयों की सफाई पर जोर, यूरिनलों को दिया जा रहा नया रूप

Smart News Team, Last updated: 30/11/2020 01:44 PM IST
  • स्वच्छता सर्वेक्षण में इस बार वाटर प्लस का 700 अंक भी जुड़ना है. वाटर प्लस सर्वे से पहले नगर निगम सामुदायिक शौचालयों व यूरिनल की सफाई पर काफी ध्यान दे रहा है. शहर में 120 यूरिनल को विशेष रूप दिया जाएगा. इनमें बच्चों व विकलांगों के लिए अलग यूरिनल होंगे.   
सांकेतिक फोटो

इंदौर. नगर निगम इस बार सामुदायिक शौचालयों की साफ-सफाई पर विशेष जोर दे रहा है. दरअसल, स्वच्छता सर्वेक्षण में इस बार वाटर प्लस का 700 अंक भी जुड़ना है. वाटर प्लस सर्वे से पहले नगर निगम सामुदायिक शौचालयों व यूरिनल की सफाई पर काफी ध्यान दे रहा है. पिछले वर्षों में निगम द्वारा बनाए गए सामुदायिक शौचालयों में से नल व पाइप चोरी होने की कई घटनाएं सामने आई हैं. ऐसे में अब निगम द्वारा इन सामुदायिक शौचालयों में लगे सामान को सुरक्षित बनाने के लिए नए सिरे से काम किया जा रहा है. नलों की टोटियों व पाइप को अंडरग्राउंड किया जा रहा है.

शहर में 398 यूरिनल में से 120 को विशेष रूप दिया जाएगा. इनमें बच्चों व विकलांगों के लिए अलग यूरिनल होंगे. यूरिनल में महिलाओं के लिए सेनिटरी नैपकीन की सुविधा होगी. इसके अलावा यहां पर वॉश बेशिन भी लगाए जाएंगे. निगमायुक्त के निर्देश पर अब निगम के अधिकारी यूरिनल परिसर में ये नए इंतजाम करने में जुट गए हैं. हालांकि अभी तक 120 आदर्श यूरिनल में से 40 ही तैयार हो पाए हैं. शेष यूरिनल अगले कुछ दिनों में तैयार करने के लिए आयुक्त ने निर्देश दिए हैं. 

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आयुक्त ने इन यूरिनल की साफ-सफाई के लिए हेल्थ ऑफिसर, सीएसआई और दरोगा को जिम्मेदारी दी है. वहीं इंफ्रास्ट्रक्चर व रिपेयरिंग का जिम्मा जोनल अधिकारियों को दिया गया है. निगम द्वारा विशेष यूरिनल की सुरक्षा के लिए यहां पर नए सिरे से लगाए जाने वाले वॉश बेसिन पॉट को दीवार में दबाया जाएगा, ताकि उसे कोई चुरा न सके. इन यूरिनल में लगाए जाने वाले नल, आईने, नैपकिन, साबुन या हैंड वॉश और बेसिन पॉट की सुरक्षा के लिए कर्मचारी रखे जाएंगे.

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