इंदौर में बिजली कंपनी के इंजीनियरों ने दिव्यांग और गरीब युवतियों की शादी करवाई

Smart News Team, Last updated: 02/12/2020 09:34 PM IST
  • पॉवर इंजीनियर्स एंड इंप्लाइज एसोसिएशन (पीईईए) से जुड़े बिजली इंजीनियरों ने आपसी सहयोग से दिव्यांग और बेसहारा लड़कियों के हाथ पीले करवाए. पीईईए ने लॉकडाउन के दौरान पलायन करते मजदूरों के लिए बायपास पर भोजन, दवाओं और फल से लेकर चप्पलों तक का वितरण करने का काम लगातार कई दिनों तक किया था.
सांकेतिक फोटो

इंदौर. बिजली कंपनी के इंजीनियर अपनी ड्यूटी तो निभा ही रहे हैं, साथ ही समाज में वंचितों की मदद भी कर रहे हैं. पॉवर इंजीनियर्स एंड इंप्लाइज एसोसिएशन से जुड़े बिजली इंजीनियरों ने आपसी सहयोग से दिव्यांग और बेसहारा लड़कियों के हाथ पीले करवाए. चंदाबाई मां गायत्री लक्ष्मीनारायण मानव सेवा संस्थान द्वारा आयोजित गरीब, दिव्यांग, बेसहारा लड़कियों के सर्वजातीय सामूहिक विवाह में इंजीनियर एसोसिएशन ने दो जोड़ों के विवाह का खर्च उठाया. 

नौ वर्षों से जनसहयोग से अनाथ, दिव्यांग, गरीब लड़कियों की शादी का आयोजन सेवा संस्थान करवाता है. अभी तक 421 लड़कियों के विवाह करवाए गए हैं. कोरोनाकाल में इस वर्ष 14 जोड़ों को ही आमंत्रित किया था. महामारी के दौरान सहयोग जुटाना भी आसान नहीं था. मप्र पॉवर एम्प्लाइज एसोसिएशन (पीईईए) के उपाध्यक्ष अरविंद सिंह के अनुसार उन तक यह बात आई कि कोरोना काल में वंचित कन्याओं के लिए शादी का प्रबंध होने में परेशानी आ रही है. शादी करने वाले हर जोड़े को गोदरेज अलमारी, पलंग, सिलाई मशीन, गैस टंकी, ओवेन, कीचेन का सामान सहित राशन का सामान वितरण किया जाना था. बिजली इंजीनियरों ने आपस में राशि इकट्ठा कर दो जोड़ों के लिए सभी सामान और शादी के खर्च का बंदोबस्त किया. इस सर्वजातीय सामूहिक विवाह में इंदौर के सांसद शंकर लालवानी भी उपस्थित हुए. 

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एसोसिएशन ने संकल्प लिया है कि अगले वर्ष से इससे भी ज्यादा जोड़ो की शादी का खर्च इंजीनियर उठाएंगे. लक्ष्मीनारायण मानवसेवा संस्थान के आयोजक किशनसिंह चौहान ने पीईईए के बिजली इंजीनियर राजेश माहौर, ब्रजेश यादव, केतन रायपुरिया, राजेश हरोड़े और सतीश कुमरावत आदि का सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया. बिजली इंजीनियरों का एसोसिएशन लॉकडाउन के दौरान भी चर्चा में आया था. पलायन करते मजदूरों के लिए बायपास पर भोजन, दवाओं और फल से लेकर चप्पलों तक का वितरण करने का काम पीईईए ने लगातार कई दिनों तक किया था.

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