इंदौर: युवाओं सहित विपक्षियों ने 9 बजे 9 मिनट के लिए लाइट ऑफ कर कैंडिल जलाया

Smart News Team, Last updated: 09/09/2020 11:25 PM IST
  • मोबाइल में फ्लैशलाइट ऑन कर लोगों ने 9 मिनट तक किया विरोध प्रदर्शन 9 बजे 9 मिनट युवाओं की बात हैश टैग से ट्विटर पर लोग करते रहे ट्वीट.
प्रतीकात्मक तस्वीर

इंदौर। बुधवार की रात 9 बजे 9 मिनट के लिए शहर के युवाओं ने अपने घरों की लाइट ऑफ कर बेरोजगारी के खिलाफ प्रदर्शन किया. इस दौरान विपक्षी दलों के लोगों ने भी अपने घरों, कार्यालयों व प्रतिष्ठानों की लाइट ऑफ कर विरोध जताया. लोगों ने अपने घरों की लाइट ऑफ कर कैंडल जलाकर विरोध प्रदर्शन किया तो वहीं ज्यादातर लोगों ने घरों की लाइट ऑफ कर मोबाइल का फ्लैश ऑन कर विरोध जताया. विपक्षी दलों द्वारा 9 सितंबर रात 9 बजे 9 मिनट के लिए लाइट ऑफ कर बढ़ती बेरोजगारी के खिलाफ प्रदर्शन किए जाने की मुहिम चलाई जा रही थी.

जिसका समर्थन अलग-अलग राज्यों के लोगों द्वारा किया जा रहा था. सबसे ज्यादा विरोध राजस्थान, बिहार व उत्तर प्रदेश में देखने को मिला. इन राज्यों में विपक्षी दलों ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया. वहीं जयपुर में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं सहित उत्तर प्रदेश में प्रियंका गांधी वाड्रा व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने ट्वीट के जरिए सरकार का विरोध किया.

इन सभी ने युवाओं के साथ खड़े होकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किए जाने का सपोर्ट किया. हालांकि इस प्रदर्शन का शहर में गहरा असर नहीं दिखा. शहर के छिटपुट घरों में ही इसका असर देखने को मिला. जहां युवाओं ने इसमें अपनी रुचि दिखाई. बच्चों बुजुर्गों और कामगरो में यह उत्साह देखने को नहीं मिला.

दरअसल यह मुहिम लॉकडाउन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 5 अप्रैल को शाम 5 बजे 5 मिनट के लिए लाइट ऑफ कर कोरोना योद्धाओं के उत्साहवर्धन के लिए किया गया था. उसी तरह का विरोध विपक्षी दलों द्वारा किया जा रहा है. इस तरह प्रधानमंत्री को इस मुहिम द्वारा बढ़ती हुई बेरोजगारी के प्रति आगाह भी किया जा रहा है. विपक्षियों ने शक्ति प्रदर्शन के उद्देश्य से भी को सपोर्ट किया.बुधवार की रात 9 बजे 9 मिनट के लिए शहर के युवाओं ने अपने घरों की लाइट ऑफ कर बेरोजगारी के खिलाफ प्रदर्शन किया. इस दौरान विपक्षी दलों के लोगों ने भी अपने घरों, कार्यालयों व प्रतिष्ठानों की लाइट ऑफ कर विरोध जताया.

इंदौर: जिलाध्यक्ष सहित छह भाजपा कार्यकर्ताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज

लोगों ने अपने घरों की लाइट ऑफ कर कैंडल जलाकर विरोध प्रदर्शन किया तो वहीं ज्यादातर लोगों ने घरों की लाइट ऑफ कर मोबाइल का फ्लैश ऑन कर विरोध जताया.विपक्षी दलों द्वारा 9 सितंबर रात 9 बजे 9 मिनट के लिए लाइट ऑफ कर बढ़ती बेरोजगारी के खिलाफ प्रदर्शन किए जाने की मुहिम चलाई जा रही थी. जिसका समर्थन अलग-अलग राज्यों के लोगों द्वारा किया जा रहा था. सबसे ज्यादा विरोध राजस्थान, बिहार व उत्तर प्रदेश में देखने को मिला.

इन राज्यों में विपक्षी दलों ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया. वहीं जयपुर में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं सहित उत्तर प्रदेश में प्रियंका गांधी वाड्रा व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने ट्वीट के जरिए सरकार का विरोध किया. इन सभी ने युवाओं के साथ खड़े होकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किए जाने का सपोर्ट किया. हालांकि इस प्रदर्शन का शहर में गहरा असर नहीं दिखा.

शहर के छिटपुट घरों में ही इसका असर देखने को मिला. जहां युवाओं ने इसमें अपनी रुचि दिखाई. बच्चों बुजुर्गों और कामगरो में यह उत्साह देखने को नहीं मिला. दरअसल यह मुहिम लॉकडाउन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 5 अप्रैल को शाम 5 बजे 5 मिनट के लिए लाइट ऑफ कर कोरोना योद्धाओं के उत्साहवर्धन के लिए किया गया था. उसी तरह का विरोध विपक्षी दलों द्वारा किया जा रहा है. इस तरह प्रधानमंत्री को इस मुहिम द्वारा बढ़ती हुई बेरोजगारी के प्रति आगाह भी किया जा रहा है. विपक्षियों ने शक्ति प्रदर्शन के उद्देश्य से भी को सपोर्ट किया.

 

आज का अखबार नहीं पढ़ पाए हैं।हिन्दुस्तान का ePaper पढ़ें |

अन्य खबरें