मेडीक्लेम कवर अमाउंट रिलीज न करने पर सख्त हुए इंदौर DM, एक्शन की चेतावनी

Smart News Team, Last updated: Sat, 8th May 2021, 3:13 PM IST
कोरोना काल में स्वास्थ्य बीमा से जुड़े ऐसे सवाल सामने आ रहे है जो स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए मुश्किलें बढ़ाने का काम कर रहे है . इसी के चलते इंदौर के कलेक्टर मनीष सिंह ने बीमा कम्पनियों के प्रतिनिधियों की बैठक बुलाकर सख्त हिदायत दी कि जो कंपनी क्लेम सेटलमेंट में टालमटोल करेगी उन पर एफआईआर दर्ज की जाएगी
प्रतिकात्मक तस्वीर

दरअसल, कोरोना महामारी के दौरान सबसे ज्यादा परेशानी अस्पताल में बेड ना मिलने के कारण हो रही है और अगर बेड मिल भी जाए तो अस्पताल का खर्च लोगों को परेशान किए हुए है . स्वास्थ्य बीमा करवाने के बावजूद भी लोगों को इससे राहत नहीं मिल रही है . बीमा कंपनी औपचारिकताओं के नाम पर लोगों को परेशान कर रही हैं जिसकी शिकायत लगातार जिला प्रशासन को मिल रही थी . इंदौर कलेक्टर मनीष सिंह ने स्वास्थ्य बीमा कंपनी के अधिकारियों की बैठक बुलाई और उन्हें सख्त लहजे में हिदायत दी कि मरीज का क्लेम समय रहते पास किया जाए ताकि उन्हें उस सेवा का लाभ मिल सके जिसके लिए उन्होंने एक बड़ी राशि खर्च की है .

कलेक्टर ने बताया कि इस लेटलतीफी से सबसे ज्यादा समस्या अस्पतालों में बेड की उपलब्धता को लेकर बढ़ी है . बीमा क्लेम मान्य होने तक मरीज़ अस्पताल में ही रहते हैं जिससे बेड खाली नहीं हो पाते और ज़रूरतमंद लोगों को नहीं मिल पाते . इंदौर कलेक्टर के पास सबसे ज्यादा शिकायत स्टार हेल्थ इंश्योरेंस नाम की कंपनी की आ रही थी जिस के प्रतिनिधि को उन्होंने खास तौर पर ऐसा ना करने के लिए कहा है . कलेक्टर मनीष सिंह के मुताबिक अगर बीमा कंपनी अपना रवैया नहीं सुधारते हैं तो इंदौर के अलावा उनके कॉरपोरेट दफ्तरों में बैठे बड़े अधिकारियों पर भी कलेक्टर स्तर से कार्रवाई की जाएगी और उनके खिलाफ पुलिस में एफआईआर दर्ज करवाई जाएगी .

बहरहाल, उम्मीद की जा रही है कि आज से उन 60 प्रतिशत लोगो की मुश्किलें आसान हो जाएगी जो निजी कम्पनियों की मेडीक्लेम पॉलिसी लेकर बैठे है . जब वक़्त रहते क्लेम सेटलमेंट होंगी तो इंदौर जैसे बड़े शहर में बेड की उपलब्धता भी आसानी से हो जाएगी क्योंकि कई दफा क्लेम सेटल होने में 2 से 3 दिन तक का समय लिया जाता है .

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