इंदौर ने पूरे भारत को दी सीख, स्वच्छता सर्वेक्षण में चौथी बार नम्बर वन

Smart News Team, Last updated: Fri, 21st Aug 2020, 7:53 AM IST
  • इंदौर ने साल 2017 से लेकर लगातार आज चौथी बार नम्बर वन का खिताब जीतकर इतिहास रच दिया. अर्बन मिनिस्टर हरदीप पुरी की मौजूदगी में दिल्ली में ऑनलाइन कार्यक्रम में परिणाम की घोषणा की गयी. पिछले चार सालों में इंदौर की सूरत इस तरह बदली है कि हर कोई अचंभित हो जाता है.
प्रतीकात्मक तस्वीर 

इंदौर. स्वच्छता के मामले में इंदौर लगातार आज चौथी बार नंबर वन बन गया है. अर्बन मिनिस्टर हरदीप पुरी की मौजूदगी में गुरुवार को दिल्ली में ऑनलाइन कार्यक्रम में परिणाम की घोषणा की गई. नंबर वन की घोषणा होते ही इंदौर जश्न के माहौल में डूब गया. इन सबके बीच इंदौर के लिए लगातार नंबर वन का ताज हासिल करना आसान नहीं रहा. वर्ष 2017 में घर-घर से कचरा उठाने की मुहिम आज सफाई देखने के लिए फीस चुकाने तक पहुंच गया है.

साल 2017 में पहली बार नंबर वन बनने के लिए इंदाैर ने घर-घर से कचरा उठाने का अभियान चलाया. इसके लिए स्पेशल कचरा वाहन खरीदे गए. ऐसा करने से शहर की कचरा पेटियाँ गायब हो गईं.

साल 2018 में दूसरी बार नंबर वन के लिए इंदौर ने एक और कदम आगे बढ़ाते हुए ट्रेंचिंग ग्राउंड तक पहुंचे वाले कचरे को अलग-अलग करने की प्लानिंग की. इसके तहत घर से ही गीला और सूखा कचरा छांटने को कहा गया. इसके लिए दो अलग-अलग डस्टबिन रखने की तैयारी की गई. इसके साथ ही शहर को शौच मुक्त बनाने का भी अभियान छेड़ दिया गया.

साल 2019 इंदौर के लिए अपनी साख बचाने के लिए नाक का सवाल बन गया. हर इंदौर का बाशिंदा चाहता था हम हैट्रिक लगाएं. इसके लिए निगम ने शहर को स्वच्छ करने के साथ ही रंगरोगन का बीड़ा उठाया. इसके साथ ही ट्रेंचिंग ग्रांउड पर पड़ा लाखों टन कचरे का भी निपटान किया गया.

साल 2020 में स्वच्छता का पर्याय बन चुके इंदौर के लिए यह साल बड़ा चुनाैती भरा रहा. क्योंकि अब दूसरे शहर वाले हमारे यहां की सफाई देखने आने लगे थे. ऐसे में इंदौर ने सफाई को आदत के साथ ही आमदनी का जरिया भी बना डाला.

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