इंदौर: डॉक्टरों ने महिला के पेट से सर्जरी कर 12 किलो की गांठ

Smart News Team, Last updated: 09/09/2020 09:35 AM IST
  • चार घंटे की सर्जरी के बाद डॉक्टरों को मिली सफलता. एमवाय अस्पताल में 11 डॉक्टरों की टीम ने की सर्जरी. 10 लाख लोगों में सिर्फ 20 में होती है यह समस्या
एमवाय अस्पताल (फ़ाइल फ़ोटो)

इंदौर। एमवाय अस्पताल में मंगलवार को 11 डॉक्टरों की टीम ने एक जटिल ऑपरेशन कर एक महिला के पेट से 12 किलो वजनी गांठ निकाली.

विगत 2 वर्षों से महिला अपने पेट में इस गांठ को लेकर घूम रही थी. बार बार पेट में दर्द की शिकायत होने पर डॉक्टरों ने जांच की. जिसके बाद यह बीमारी सामने आई.

मंगलवार को 11 डॉक्टरों की टीम ने सफल ऑपरेशन कर महिला को नई जिंदगी की.

महिला को लंबे समय से पेट में दर्द था और उल्टियां होती थीं. गांठ के ज्यादा बढ़ जाने के कारण उन्होंने कई डॉक्टरों को दिखाया, पर उन्होंने जोखिम लेने से मना किया दिया.

एमवाय में चले 4 घंटे के आपरेशन के बाद गांठ को बाहर निकाल दिया गया. महिला की हालत स्थिर है.

खंडवा निवासी 59 साल की महिला को दो साल से पेट दर्द और उल्टी की शिकायत थी.

इस पर वह इलाज के लिए कई सरकारी अस्पताल पहुंची लेकिन गांठ काफी बड़ी होने के चलते डॉक्टरों ने ऑपरेशन का जोखिम नहीं लिया. इस पर महिला कुछ दिन पहले एमवायएच पहुंची और सर्जरी विभाग के डॉ. मनीष कौशल से मिली.

उन्होंने उसे भर्ती होने की सलाह दी और सर्जरी के लिए आवश्यक सभी जांचें करवाईं.

महिला की खून की जांच, सीटी स्कैन सहित अन्य जांचे नॉर्मल होने पर डॉक्टरों ने सर्जरी की तैयारी शुरू की. सबसे पहले डॉक्टरों ने 6 यूनिट ब्लड की व्यवस्था की, क्योंकि महिला के लिए ट्यूमर के आकार और अनुवर्ती प्रकृति को देखते हुए सर्जरी के दौरान ज्यादा ब्लड बहने की संभावना थी.

डॉक्टरों ने सीटी स्कैन के जरिए यह देखा कि सुरक्षित तरीके से ट्यूमर को कैसे निकाला जाए, क्योंकि ट्यूमर पहले से ही आसपास के अंगों में फैल गया था.

इसके अलावा कोरोना काल के दौरान होने वाली इस सर्जरी से नर्सिंग स्टाफ, टेक्नीशियन, ऑपरेटिंग सर्जन के लिए भी जोखिम था. इन सब के बावजूद सर्जन जोखिम लेने को तैयार थे. सुबह महिला को सर्जरी के लिए लेकर जाया गया.

करीब 4 घंटे चली सर्जरी के बाद गांठ को निकाला गया. ट्यूमर 30 × 20 सेमी के आकार का था. पेट, कोलोन, तिल्ली, रक्त वाहिकाओं, डायाफ्राम, अग्नाशय जैसे आसपास के कई अंगों से चिपका हुआ था. ट्यूमर का वजन करीब 12 किलो था.

यह एक स्पिंडल सेल ट्यूमर था. यह ट्यूमर 10 लाख की आबादी में 20 लोगों मे मिलता है. सर्जरी के बाद मरीज की हालत स्थिर है.

सर्जरी में ये रहे शामिल

डॉ. अरविंद शुक्ला द्वारा सर्जरी की गई। उनके साथ डॉ. दीपिका सिंह उइके, डॉ. वैभव गुप्ता, डॉ. जितेंद्र यादव, डॉ. राजकुमार, डॉ. कार्तिकेयन, डॉ. हेमंत, डॉ. अमिया. डॉ. रश्मि पाल और डॉ. नरेंद्र, डॉ. मालती शामिल रहे.

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