इंदौर: पहले चाय पी, फिर मांगे रुपए, मना करने पर साथी गार्ड की गला रेत कर हत्या

Smart News Team, Last updated: 25/08/2020 08:27 AM IST
  • इंदौर. आरोपी मुकेश कैथवास ने साथी सेक्योरिटी गार्ड रामबाबू को दिए थे 7000 रुपये उधार मकान का किराया देने को आरोपी मुकेश कैथवास ने रामबाबू से मांगे थे उधारी के पैसे शुभ लाभ अपार्टमेंट में नौकरी कर चुका था आरोपी मुकेश, कैमरे नहीं लगे होने की थी उसे जानकारी
प्रतीकात्मक तस्वीर 

इंदौर। लॉकडाउन के चलते घर का किराया नहीं चुका पाने के कारण आरोपी मुकेश कैथवास अपने साथी रामबाबू सिक्योरिटी गार्ड से उधारी का पैसा वापस मांगने पहुंचा.22 अगस्त को पैसा वापस नहीं करने पर उसने रामबाबू की गला रेत कर हत्या कर दी थी. जिसका खुलासा पुलिस ने सोमवार को 36 घंटे के भीतर ही कर दिया. घटना का खुलासा करते हुए पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया. दरअसल कुछ महीनों पहले आरोपी मुकेश कैथवास शुभ लाभ अपार्टमेंट में सिक्योरिटी गार्ड के रूप में काम करता था. उस समय रामबाबू मंगल सिटी के सामने शिवम कांप्लेक्स में गार्ड के रूप में तैनात थे. दोनों एक ही एजेंसी के माध्यम से सिक्योरिटी गार्ड के रूप में कार्यरत थे. साथ ही आमने-सामने कांप्लेक्स होने की वजह से दोनों में जान पहचान हो गई थी.

लॉकडाउन टाउन के चलते महेश नौकरी छोड़कर कर घर चला गया. घर जाने से पहले महेश ने रामबाबू को 7000 रुपये उधार दिए थे. मकान मालिक द्वारा किराया मांगे जाने पर घटना को दिया अंजाम, महेश अपने भाई के साथ सोमनाथ की जूनी चाल में किराए के मकान में रहता था. घर से वापस आने पर मकान मालिक द्वारा बार-बार महेश से रूम का किराया मांगा जा रहा था. नौकरी छूट चुकी थी. आमदनी का कोई स्रोत नहीं था.

मकान मालिक के रोजाना रूम खाली किए जाने की धमकी से परेशान होकर महेश अपनी उधारी मांगने रामबाबू के पास पहुंच गया. कई बार उसने उधारी के पैसे चुकता करने के लिए कहा लेकिन हर बार रामबाबू बात को टाल जाता था. उसने पैसे देने से कई बार मना कर दिया. इसके बाद 22 अगस्त को महेश ने तय कर लिया कि आज रामबाबू से पैसे वापस लेकर ही लौटेगा. अगर उसने पैसे नहीं वापस किए तो उसकी हत्या कर देगा. इस नियत से महेश रामबाबू के पास पहुंचा.

साथ में बैठकर महेश ने रामबाबू के साथ पी चाय, फिर गला रेत कर की हत्या

महेश अपनी उधारी के पैसे लेने शाम को शुभ लाभ अपार्टमेंट पहुंचा. पहले महेश व रामबाबू ने बैठकर एक साथ चाय पी. इसके बाद महेश ने अपनी उधारी के पैसे मांगे.

इस बीच दोनों के बीच काफी कहासुनी हुई जिसके बाद गुस्से में आकर महेश ने रामबाबू के सिर पर पहले डंडे से मारा. इसके बाद चाकू से गला रेत कर उसकी हत्या कर दी. इसके बाद लाश को कमरे में बंद कर बाहर से ताला लगा कर भाग गया.

अपार्टमेंट में सीसीटीवी कैमरे नहीं लगे होने की थी जानकारी

महेश को अपार्टमेंट के बारे में पूरी जानकारी थी. उसे अपार्टमेंट का हर कोना अच्छी तरह पता था.

उसे यह भी जानकारी थी कि अपार्टमेंट में सीसीटीवी कैमरा नहीं लगा हुआ है जिससे उसने घटना को आसानी से अंजाम दिया और अंधेरे में अपार्टमेंट से बाहर निकल लिया.

पुरानी जान-पहचान की सूची से पुलिस महेश तक पहुंची

पुलिस ने आसपास के लोगों से रामबाबू के बारे में पूछताछ की. इस दौरान पुलिस ने पुरानी जान पहचान वालों की सूची खंगालनी शुरू की जिसमें महेश का नाम भी सामने आया.

पुलिस ने महेश को हिरासत में लिया. कड़ाई से पूछताछ करने पर उसने सारा सच उगल दिया. इसके बाद पुलिस ने महेश को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया

डेढ़ माह पहले ही शुभ लाभ अपार्टमेंट में में मिली थी ड्यूटी

रामबाबू डेढ़ माह पहले ही शुभ लाभ अपार्टमेंट में एजेंसी के मैनेजर बबलू सिसोदिया के जरिए तैनात हुआ था. उसे 7000 रुपये मासिक वेतन मिलते थे.

सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक उसकी ड्यूटी थी. वह मूलतः रायसेन जिले का रहने वाला था. इंदौर में राजीव आवास विहार में वह परिवार समेत रहता था. रामबाबू के दो भाई हैं. दोनों ही सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी करते हैं.

रामबाबू से पहले शुभ लाभ अपार्टमेंट में महेश कैथवास सिक्योरिटी गार्ड के रूप में तैनात था. उसके जाने के बाद ही राम बाबू की यहां ड्यूटी लगाई गई थी.

 

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