भारत का सबसे बड़ा किला है इंदौर का मांडू फोर्ट, जहाज के आकार में है निर्मित

Smart News Team, Last updated: Wed, 14th Jul 2021, 3:23 PM IST
  • मांडू का किला, जो कि इंदौर मुख्य शहर से 90 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है. मांडू किला विंध्य पहाड़ी से लगभग 592 मीटर ऊंचाई पर स्थित है, साथ ही यह देश का सबसे बड़ा किला भी कहा जाता है.
मांडू किला विंध्य पहाड़ी से लगभग 592 मीटर ऊंचाई पर स्थित है, साथ ही यह देश का सबसे बड़ा किला भी कहा जाता है. (Credit: mp Tourism)

इंदौर शहर अपनी स्वच्छता के लिए तो जाना ही जाता है, साथ ही यह अपने जायके, इमारतों और संस्कृति के लिए भी काफी मशहूर है. इंदौर शहर व इसके आसपास ऐसी कई इमारतें हैं जो लोगों का खूब ध्यान आकर्षित करती हैं. इन्हीं इमारतों में से एक है मांडू का किला, जो कि इंदौर मुख्य शहर से 90 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है. मांडू किला विंध्य पहाड़ी से लगभग 592 मीटर ऊंचाई पर स्थित है, साथ ही यह देश का सबसे बड़ा किला भी कहा जाता है. बताया जाता है कि मांडू का यह किला करीब 82 किलोमीटर की परिधि में फैला हुआ है, जो आकार में बिल्कुल एक जहाज की तरह लगता है.

मॉनसून के दौरान मांडू के किले में अलग ही प्रकार की खूबसूरती झलकती है. इसकी दीवारें 300 साल बाद भी जस की तस बनी हुई हैं. यहां न केवल पर्यटकों को इतिहास के बारे में जानने को मिलेगा, बल्कि यहां फैली हरियाली पर्यटकों को काफी शांति भी प्रदान करेगी. भले ही समय के साथ-साथ किले में कुछ नुकसान जरूर हुए हैं, लेकिन इसकी खूबसूरती आज भी बरकरार है.

मॉनसून के दौरान मांडू के किले में अलग ही प्रकार की खूबसूरती झलकती है. (Credit: mp Tourism)

मांडू किले का इतिहास: मांडू की सबसे ऊंची पहाड़ी पर बने इस किले की खोज 10वीं शताब्दी में हुई थी. वहीं 15वीं शताब्दी में जब यहां मालवा का शासन शुरू हुआ तो यहां जहाज महल, हिंडोला महल और रूपमती मंडप जैसे कई महल बनवाए गए. इस किले पर अफगान शासक, मालवा, मोहम्मद शाह, मुगल और फिर मराठाओं द्वारा राज किया गया.

मांडू किले में देखने लायक इमारतों में यहां की जामा मस्जिद, जहाज महल, हिंडोला महल, नीलकंठ मंदिर, रेखा कुंड, रानी रूपमती महल और होशंग शाह का मकबरा शामिल है. कहा जाता है कि यहां मौजूद होशंग शाह का मकबरा संगमरमर से बनाया गया है, जिसे देखने के लिए शाहजहां ने अपने चार कारीगर भी भेजे थे, ताकि वे ताजमहल के अंदर ऐसा ही मकबरा बना सकें. वहीं यहां मौजूद जामा मस्जिद अफगान वास्तुकला का बेहतरीन उदाहण है. मस्जिद का बड़ा आंगन और भव्य प्रवेश द्वार पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र है.

 

मांडू की सबसे ऊंची पहाड़ी पर बने इस किले की खोज 10वीं शताब्दी में हुई थी. (Credit: mp Tourism)

इससे इतर मांडू के किले में स्थित जहाज महल को सुल्तान गियासउद्दीन खिलजी ने बनवाया था, जो देखने में ऐसा लगता है मानो पानी में कोई जहाज तैर रही हो. यह महल दो झीलों के बीच बना है. वहीं हिंडोला महल बिल्कुल एक झूले की तरह प्रतीत होता है.

कैसे पहुंचें: इंदौर से मांडू के किले तक पहुंचने के लिए एक निजी वाहन करना काफी उचित रहेगा. इंदौर एयरपोर्ट से किले की दूरी करीब 63 किलोमीटर की है, ऐसे में एयरपोर्ट से निजी वाहन कर राष्ट्रीय मार्ग 52 के रास्ते मात्र दो घंटे में किले तक पहुंचा जा सकता है. इससे इतर मांडू के किले का नजदीकी रेलवे स्टेशन भी इंदौर जंक्शन है, जहां से निजी वाहन कर किले तक पहुंचा जा सकता है.

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