इंदौर : महापौर सीट पुरुष के लिए आरक्षित, टिकट के लिए लाइन में हैं कई दावेदार

Smart News Team, Last updated: 13/12/2020 11:23 PM IST
  • इंदौर नगर निगम में महापौर का पद पुरुष के लिए आरक्षित होने से बीजेपी से सबसे सफलतम महापौर रहीं मालिनी गौड़ उम्मीदवारी की दौड़ से बाहर हो गई हैं. चूंकि इंदौर को भाजपा का गढ़ माना जाता है, ऐसे में टिकट चाहने वालों की लाइन लंबी है. कांग्रेस में भी हैं कई दावेदार.
फाइल फोटो

इंदौर. मध्य प्रदेश में 16 स्थानों पर महापौर पद के लिए आरक्षण प्रक्रिया पूरी होने के बाद यह तस्वीर साफ हो चुकी है कि इंदौर में सामान्य या पिछड़े वर्ग में से किसी भी वर्ग का पुरुष ही महापौर बनेगा. ऐसे में बीजेपी से सबसे सफलतम महापौर रही मालिनी गौड़ दौड़ से बाहर हो गई हैं. इंदौर भाजपा का गढ़ माना जाता है. इसे देखते हुए यह कहा जा सकता है कि भारतीय जनता पार्टी की ओर से टिकट प्राप्त करना ही सबसे बड़ा चुनाव होगा. 

भाजपा से बड़ी संख्या में टिकट के दावेदार सक्रिय हो गए हैं. हाल ही में बड़े अंतर से सांवेर विधानसभा उप चुनाव जिताने की जवाबदेही निभा चुके विधानसभा न. 2 के विधायक एवं बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय के सबसे करीबी रमेश मेंदोला प्रमुख रूप से महापौर पद के दावेदार हैं. वहीं, पूर्व महापौर कृष्ण मुरारी मोघे भी प्रमुख रूप से दावेदार हैं. उनके अनुभव, पार्टी में समन्वय और वरिष्ठता के चलते एक बार फिर पार्टी उन्हें उम्मीदवार बना सकती है. ग्वालियर में विवेक शेजवलकर को भी भाजपा ने दूसरी बार महापौर का टिकट दिया था और वे जीते भी थे. इसी का उदाहरण देकर मोघे एक बार फिर दावेदारी कर सकते हैं. जबकि मधु वर्मा को नगर निगम आईडीए में रहते हुए किए गए विकास कार्य को ध्यान में रखते हुए पार्टी उन्हें महापौर का टिकट दे सकती है. पहले भी वे महापौर का चुनाव मात्र एक मत से हार चुके हैं. भाजपा की ओर से गोपी कृष्ण नेमा और विधायक सुदर्शन गुप्ता को भी प्रमुख दावेदार माना जा रहाहै. वहीं मांगीलाल रेडवाल और राजेन्द्र राठौर भी टिकट पाने के लिए फील्डिंग कर रहे हैं.

इंदौर नगर निगम की सहायक आयुक्त कर रही सरकारी वाहन का दुरुपयोग!

वहीं, विपक्षी पार्टी कांग्रेस की ओर से गिने चुने नेता ही महापौर पद के दावेदार हैं. इनमें प्रमुख रूप से मौजूदा विधायक एवं पूर्व शिक्षा मंत्री जीतू पटवारी, वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं मौजूदा विधायक संजय शुक्ला, छोटे यादव, विनय बाकलीवाल आदि महापौर पद के लिए टिकट की उम्मीदवारी में हैं. छोटे यादव लंबे समय से विधानसभा टिकट के दावेदार रहे हैं और नगर निगम में पांच बार पार्षद रह चुके हैं. विनय बाकलीवाल को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ की निकटता के चलते टिकट की दौड़ में हैं.

आज का अखबार नहीं पढ़ पाए हैं।हिन्दुस्तान का ePaper पढ़ें |

अन्य खबरें