दिवाली 2021: नरक चौदस पर इस मंदिर में होती है यमराज की पूजा, रोग हो जाते हैं दूर

Smart News Team, Last updated: Wed, 3rd Nov 2021, 5:41 PM IST
  • मध्य प्रदेश के ग्वालियर की मारकंडेश्वर मंदिर में दिवाली से ठीक पहले नरक चौदस पर यमराज की पूजा करने से पापों से तो मुक्ति मिलती ही है, कुष्ठ रोग भी दूर हो जाते हैं.
दिवाली से पहले नरक चौदस पर इस मंदिर में होती है यमराज की पूजा, सभी रोग हो जाते हैं दूर

इंदौर. यूं तो बीमारी का इलाज दवाइयों में होता है लेकिन कई बार विश्वास से भरी आस्था के साथ भी बड़े से बड़ा रोग दूर किया जा सकता है. मध्य प्रदेश के ग्वालियर में यमराज का एक ऐसा 300 साल पुराना प्राचीन मंदिर है जहां दिवाली से एक दिन पहले नरक चौदस पर पूजा करने से व्यक्ति कुष्ठ रोगों से मुक्ति मिल जाती है. इस मंदिर में यमराज के अलावा भी कई भगवान की स्थापना की गई लेकिन नरक चौदस पर विशेष रूप से यमराज की पूजा और अभिषेक किया जाता है.

मिली जानकारी के अनुसार, मारकंडेश्वर मंदिर के नाम से प्रसिद्ध यह मंदिर ग्वालियर के फूलबाग इलाके में पड़ता है. सिंधिया वंश के राजाओं ने करीब 300 साल पहले इस मंदिर में यमराज की प्रतिमा को स्थापित किया था. मंदिर के पुजारी ने बताया कि इसका निर्माण मराठा परिवार के संताजी राव तेमक ने कराया था.

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नरक चौदस पर यमराज के पूजन से दूर होते हैं कुष्ठ रोग

आस्था में रखने वाले लोगों का कहना है कि इस मंदिर में नरक चौदस पर यमराज की पूजा करने से इंसान को उसके पापों से मुक्ति मिल जाती है. साथ ही कुष्ठ रोग भी व्यक्ति के दूर हो जाते हैं. नरक चौदस के दिन यमराज की विशेष कृपा मानी जाती है, इसी वजह से इस दिन लोग काफी दूर-दूर से इस मंदिर में यम की पूजा के लिए पहुंचते हैं.

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