Shardiya Navratri 2021: नवरात्रि के पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा,जानें कलश स्थापना और पूजन का शुभ मुहूर्त

Pallawi Kumari, Last updated: Wed, 6th Oct 2021, 2:52 PM IST
  • हिंदू धर्म में नवरात्रि का विशेष महत्व होता है. नवरात्रि में नौ दिनों तक मां दुर्गा के अलग अलग स्वरूपों की पूजा की जाती है. नवरात्रि की शुरुआत कलश स्थापना के साथ होती है. कलश स्थापना कर अखंड दीप जलाई जाती है. नवरात्रि का पहला दिन मां शैलपुत्री को समर्पित होता है.
नवरात्रि के पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा और कलश स्थापना.

वैसे तो साल में दो बार नवरात्रि का त्योहार आता है. चैत्र नवरात्रि और शारदीय नवरात्रि.चैत्र मास में पड़ने वाले नवरात्रि को चैत्र नवरात्रि कहते हैं और अश्विन मास की शुक्ल पक्ष की पड़ने वाली नवरात्रि को शारदीय नवरात्रि कहा जाता है. हिंदी पंचाग के अनुसार इस बार शारदीय नवरात्रि की शुरुआत 7 अक्टूबर से हो रही है और 15 अक्टूबर तक रहेगी. नवरात्रि का हर दिन पूजा पाठ के लिए खास माना जाता है. कलश स्थापना के साथ ही नवरात्रि की शुरुआत हो जाती है. वहीं पहले दिन मां दुर्गा के स्वरूप मां शैलपुत्री की पूजा की जाती है. तो चलिए जानते हैं कल की पूजा का शुभ मुहूर्त और सामग्री के बारे में.

मां शैलपुत्री की पूजा

नवरात्रि के पहले दिन मां दुर्गा के पहले स्वरूप माता शैलपुत्री की पूजा की जाती है. पौरामिक कथाओं के अनुसार पर्वतराज हिमालय की पुत्री के रूप में माता शैलपुत्री का जन्म हुआ था. इसी कारण से उन्हें शैलपुत्री कहा जाता है. माता शैलपुत्री बहुत ही शुभ मानी जाती हैं . माता पार्वती और उमा के नाम से भी शैलपुत्री को जाना जाता है. वृषभ पर माता शैलपुत्री विराजमान रहती हैं. शैलपुत्री को संपूर्ण हिमालय पर्वत समर्पित हैं. शैलपुत्री को अत्यंत सौम्य स्वभाव का माना जाता है.

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ऐसे करें पूजा- नवरात्रि के पहले दिन गुरुवार को  मां शैलपुत्री की पूजा कर उन्हें गाय का घी लगाना चाहिए और फूल चढ़ाना चाहिए. इसके बाद वन्दे वांछित लाभाय चन्द्रार्द्वकृत शेखराम। वृषारूढ़ा शूलधरां .. मंत्र का ध्यान करें.

कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त  

पहले दिन कलश स्थापना करने का शुभ प्रात:काल 06 बजकर 17 मिनट से 10 बजकर 11 मिनट तक रहेगा. 7 अक्टूबर को नवरात्रि के पहले दिन चित्रा वैधृति योग का निशेष होने से कलश स्थापना अभिजीत मुहूर्त में विशेष फलदायी है. अभिजीत मुहूर्त का समय- 7 अक्टूबर 11 बजकर 51 मिनट से दोपहर 12 बजकर 38 मिनट के बीच .

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