जयपुर में बकाया क्रेडिट कार्ड बिल के नाम पर धमकाने वाली गैंग गिरफ्तार

Smart News Team, Last updated: Mon, 17th May 2021, 11:45 AM IST
  • यदि आप क्रेडिट कार्ड रखते हैं और बिल बकाया है तो यह खबर आपके लिए जरुरी है. दरअसल, जयपुर पुलिस ने एक ऐसी गैंग पकड़ी है जो क्रेडिट कार्ड का बिल बकाया होने पर लोगों को पुलिस बनकर फ़ोन करती और फिर शुरु हो जाता वसूली का खेल.
प्रतिकताम्क तस्वीर 

जयपुर. जयपुर कमिश्नरेट ने तीन फर्जी पुलिस कर्मियों को वसूली के आरोप में गिरफ्तार किया है. बताया जा रहा है कि ये फर्जी पुलिसकर्मी क्रेडिट कार्ड की वसूली के लिए वारंट की धमकी देते थे और उसके बाद वसूली का खेल शुरु होता था. इस मामले में फिलहाल मास्टरमाइंड फरार है. उसे पकड़ने के लिए पुलिस टीम बनाई गई है. कोतवाली थाना पुलिस ने इस पूरी कार्रवाई को अंजाम दिया है.

कोतवाली थाना पुलिस के अनुसार क्रेडिट कार्ड की वसूली के लिए वारंट निकालने की धमकी देकर उसे रुकवाने के नाम पर तीनों पुलिस कर्मी बनकर ठगी करते थे. इस मामले में पुलिस ने शिवाजी नगर भट्टा बस्ती निवासी अर्पित सिंह, यूपी हरदोई निवासी मनीष कुमार और झुंझनू निवासी संजय कुमार शर्मा को गिरफ्तार किया है. आरोपी वैशाली नगर स्थित ऑफिसर्स कॉलोनी में रहते हैं.

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थाना अधिकारी विक्रम सिंह ने बताया कि गणगौरी बाजार निवासी भूमिका कंवर ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी. जिसमें बताया कि उनके पास एक व्यक्ति का फोन आया. उसने खुद को कोतवाली थाने का सब इंस्पेक्टर सुमेर सिंह बताया. पीड़िता को क्रेडिट कार्ड का बिल बकाया बताते हुए वारंट जारी होने की जानकारी दी. वारंट रुकवाने का झांसा देकर पांच हजार रुपए मांगे. इसके बाद एक युवक को पैसे लेने के लिए पीड़िता के पास भेज दिया. आरोपियों ने इसी तरह से उनके भाई के पास भी फोन किया. शक होने पर थाने आए तो पता चला सुमेर नाम का कोई पुलिसकर्मी ही नहीं है. इसके बाद पुलिस ने जाल बिछाकर गिरफ्तार किया. आरोपियों ने बताया कि गिरोह का मास्टर माइंड संजीव चौधरी है. मास्टर माइंड संजीव सब इंस्पेक्टर बन कर दर्जनों लोगों के साथ ठगी कर चुका है. संजीव की तलाश जारी है.

कोतवाली थानाप्रभारी ने बताया कि परिवादिया भूमिका के मुताबिक गैंग ने एक अन्य महिला को एसबीआई की हेड बताते हुए उसकी मोबाइल पर बात करवाई और उससे भी धमकी दिलवाई. इसके बाद गैंग ने पांच हजार रुपए वसूल कर लिए. इसके बाद भूमिका खुद कोतवाली थाने पहुंची. तब पता चला कि वहां कोई सब इंस्पेक्टर सुमेर सिंह नहीं है. तब मोबाइल कॉल डिटेल्स के आधार पर पुलिस ऑफिसर्स कैंपस में एक फ्लैट में पहुंची. जहां गैंग एक कॉल सेंटर बनाकर पुलिसकर्मी बनकर अवैध वसूली कर रहे थे. तब पुलिस ने तीन आरोपियों को धरदबोचा.

 

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