जयपुर जिले में 10 दिन में 847 शादियां, कोरोना संक्रमण बन सकता है चुनौती

Smart News Team, Last updated: Sun, 23rd May 2021, 11:36 PM IST
  • जयपुर जिला प्रशासन को 10 दिन में 847 शादियों की सूचना प्राप्त हुई है. इनमें सबसे ज्यादा शादियां पीपल पूर्णिमा पर होगी. ऐसे में अब डर यह है कि शादियों के कारण फिर संक्रमण ना बढ़ जाए.
जयपुर में कोरोना भी नहीं रोक पा रही शादियों की रफ़्तार .

जयपुर. कोरोना काल में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की ओर से अपील की गई थी कि लोग शादियों को टाल दें. ऐसे में बहुत से लोगों ने शादियों को टाल दिया. लेकिन, इसके बावजूद भी कुछ लोग अभी भी शादी कर रहे हैं. इन्हें प्रोटोकॉल के हिसाब से शादी करनी होगी. शादी से पहले प्रशासन को सूचना देना अनिवार्य किया गया है.

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 10 दिन में जयपुर जिले में 847 शादियों की सूचना प्राप्त हुई है. इसमें सबसे अधिक शादियां 26 मई को अबूझ सावे पर पीपल पूर्णिमा को होगी. विभिन्न पंचांग में 10 दिन में 8 मुहूर्त के अनुसार इस माह 21 से 24 मई, 26 मई, 29 से 31 मई को शादियां है. ऐसे में खतरा यह है कि पिछ्ले माह हुई शादियों के कारण ही कोरोना संक्रमण अधिक फैला था. ऐसे में इस बार सावधानी नहीं बरती गई तो संक्रमण का फिर खतरा बढ़ सकता है.

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इस दौरान आमेर में 75, बस्सी में 80, चाकसू में 20, चौमूं में 47, दूदू में 9, जयपुर शहर में 171, जमवारामगढ़ में 95, किशनगढ़ रेनवाल में 25, कोटखावदा में 18, कोटपुतली में 72, पावटा में 47, शाहपुरा में 52, विराटनगर में 51, सांगानेर में 86, फागी में 7, मौजमाबाद में 4, सांभर फुलेरा में 8 शादियों की सूचना अभी तक मिली है.

 

इधर, जिन घरों में शादियां हैं उन लोगों का कहना है कि कोरोना संक्रमण के चलते एक साल तक शादियों को टालते आ रहे हैं. लेकिन यह कम होने का नाम नहीं ले रहा है. इसी के चलते दोनों तरफ से परिवारों ने शादी करने का निश्चय किया है. उनका कहना है कि कोरोना महामारी का पता नहीं है कि यह कितने लंबे समय तक चलेगी. शादियों को भी कब तक टाला जा सकता है. ऐसे में परिवार के जरूरी मेहमानों को बुलाकर ही कोविड-19 गाइडलाइन के अनुसार शादी की जाएगी.

 

जिला कलेक्टर अंतर सिंह नेहरा का कहना है कि सरकार ने शादियों पर रोक नहीं लगाई है. शादी समारोह में आने वाले मेहमानों की संख्या को 50 से घटाकर 11 तक सीमित कर दिया है. तय प्रोटोकॉल की पालना करते हुए शादियां की जा सकती है. विवाह की सूचना नहीं देने और सामूहिक भोज करने पर एक लाख रुपए तक का जुर्माना है.

 

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