राजस्थान: बारा जिला कलक्टर इंद्र सिंह राव को रिश्वत मामले में ACB ने किया अरेस्ट

Smart News Team, Last updated: Wed, 23rd Dec 2020, 9:13 PM IST
  • एसीबी की कोटा टीम ने 9 दिसंबर को इंद्र सिंह राव के पीए को पेट्रोल पंप की एनओसी जारी करने के बदले 1.40 लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया था.
बारा जिला कलक्टर इंद्र सिंह राव को रिश्वत मामले में एसीबी ने गिरफ्तार किया ( फोटो में इंद्र सिंह राव बीच में खड़े हैं) 

जयपुर. बारा जिला कलक्टर इंद्र सिंह राव को रिश्वत मामले में एसीबी ने आखिरकार बुधवार को गिरफ्तार कर लिया. कलक्टर इंद्र सिंह राव को पेट्रोल पंप की एनओसी जारी करने के बदले रिश्वत लेने मामले में गिरफ्तार किया गया है. एसीबी की कोटा टीम ने 9 दिसंबर को कलक्टर इंद्र सिंह राव के पीए महावीर नागर को एक लाख 40 लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए दबोचा था. इंद्र सिंह राव के रिश्वत की राशि लेते गिरफ्तार किए जाने के बाद से एसीबी टीम उन्हें संदिग्ध मानकर पूछताछ व मामले की छानबीन कर रही थी. 

पीए महावीर नागर के रिश्वत लेते पकड़े जाने के बाद एसीबी ने सरकार को इस संबंध में पत्र भेजा था, जिसके बाद इंद्र सिंह राव को तत्काल प्रभाव से एपीओ कर दिया गया था. एसीबी ने कलक्टर इंद्र सिंह राव के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज किया था, जिसके बाद बुधवार को उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया. एसीबी महानिदेशक बीएल सोनी ने बताया कि इंद्र सिंह राव को एसीबी के अतिरिक्त महानिदेशक दिनेश एमएन के सुपरविजन में अनुसंधान करने के बाद गिरफ्तार कर लिया गया है. इंद्र सिंह राव को गुरुवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा.

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31 साल की नौकरी में एक बार सस्पेंड और 6 बार एपीओ: इंद्र सिंह राव राजस्थान प्रशासनिक सेवा 1989 बैच के अफसर हैं. 31 साल के कार्यकाल में राव अब तक छह बार अलग-अलग कारणों से एपीओ किए जा चुके हैं. एक बार उन्हें सस्पेंड भी किया जा चुका है. राव 1999 में पहली बार एपीओ किए गए. फिर 2004, 2005, 2008, 2011 और अब 2020 में छठी बार एपीओ किए गए. बतौर कलेक्टर बारां में उनकी पहली पोस्टिंग थी. चार साल पहले ही उन्हें भारतीय प्रशासनिक सेवा में प्रमोट किया गया था. उसके तुरंत बाद उन्हें राजस्व मंडल में भाजपा सरकार ने लगा दिया था.

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