जयपुर में आत्महत्या करने वाला अलवर का था परिवार, शोक में बंद रहेगी दुकानें

Smart News Team, Last updated: Sun, 20th Sep 2020, 4:28 PM IST
  • जयपुर के कानोता में परिवार के चार जनों ने सामूहिक रूप फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. मृतक परिवार अलवर का ही रहने वाला था. जब यह समाचार सभी ज्वेलर्स को मिला तो उनमें शोक की लहर दौड़ गई. शोक में ज्वेलर्स ने अपनी दुकानें नहीं खोली. 
बंद रही शहर कि दुकाने

जयपुर| जयपुर के कानोता में परिवार के चार जनों ने सामूहिक रूप फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. मृतक परिवार अलवर का ही रहने वाला था और करीब आठ-दस साल पहले ही जयपुर शिफ्ट हुआ था. जबकि परिवार के अन्य लोग अलवर में ही रहते हैं और उनकी शहर के मालाखेड़ा बाजार में ज्वेलर्स की दुकानें हैं. ये दुखद खबर सुनते ही अलवर में शोक की लहर दौड़ गई और शहर के सभी ज्वेलर्स ने अपनी दुकानें बंद कर दी.

जानकारी के अनुसार जयपुर में परिवार सहित आत्महत्या करने वाले यशवंत सोनी मूलरूप से अलवर शहर के मालाखेड़ा बाजार स्थित खपटा पाड़ी मोहल्ले के रहने वाले थे. बाद में यशवंत सोनी और उनके भाई चेतन सोनी व यशपाल सोनी तीनों ने फ्रेंड्स कॉलोनी में अलग-अलग मकान बना लिए और वहीं रहने लगे.

करीब आठ-दस साल पहले यशवंत सोनी अपनी पत्नी और दो बेटों के साथ जयपुर शिफ्ट हो गए और वहीं अपना ज्वेलर्स का व्यापार कर लिया. उनके परिवार की शहर के मालाखेड़ा बाजार में ज्वेलर्स की तीन-चार दुकानें हैं. यशवंत सोनी और उनका परिवार बीच-बीच में अलवर आता रहता था.

पिता ने भी कर ली थी आत्महत्या

मृतक यशवंत सोनी के भाई चेतन सोनी और यशपाल सोनी की मालाखेड़ा बाजार में ज्वेलर्स की दुकानें हैं. उन्होंने बताया कि उनके पिता ने भी कुछ साल पहले बीमारी के चलते आत्महत्या कर ली थी. पिता के बाद अब बड़े भाई और उनके परिवार के आत्महत्या करने से उन पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है.

ज्वेलर्स ने नहीं खोली दुकानें

स्वर्णकार ज्वेलरी विकास समिति अलवर के अध्यक्ष के विष्णु सोनी ने बताया कि यशवंत सोनी के परिवार के सामूहिक आत्महत्या करने का दुखद समाचार उनके भाई चेतन सोनी और यशपाल सोनी सहित अन्य परिजनों को शनिवार सुबह 7.30 बजे मिला. इसके बाद परिवार के लोग जयपुर के लिए रवाना हो गए. जब यह समाचार सभी ज्वेलर्स को मिला तो उनमें शोक की लहर दौड़ गई. शोक में ज्वेलर्स ने अपनी दुकानें नहीं खोली तथा जिन ने अपनी दुकानें खोली वे भी बंद कर घर लौट गए. जिस कारण शनिवार को मालाखेड़ा बाजार, सर्राफा बाजार व बजाजा बाजार स्थित ज्वेलर्स की दुकानें बंद रही और बाजार में सूनापन छाया रहा.

जोधपुर और जयपुर के बीच कुलपति पद को लेकर घमासान

यशवंत थे एक्सपोर्ट ज्वेलरी के माहिर कारीगर

मृतक यशवंत सोनी के परिवार का पुश्तैनी काम सोने की गढ़ाई का है. यशवंत सोने की एक्सपोर्ट होने वाली ज्वेलरी बनाते थे और उसके माहिर कारीगर थे.

अंतिम संस्कार तक बन्द रहेगी दुकानें

स्वर्णकार ज्वेलरी विकास समिति अलवर के अध्यक्ष के विष्णु सोनी ने बताया कि मृतक यशवंत सोनी के भाइयों से बातचीत हुई है.मृतकों के शवों को दाह संस्कार के लिए अलवर लाया जा सकता है. पोस्टमार्टम के बाद भी की कोविड-19 की जांच कराई जा रही है. अलवर के सभी ज्वेलर्स ने मृतकों के अंतिम संस्कार तक अपने प्रतिष्ठान बंद रखने का निर्णय किया है. उल्लेखनीय है कि अलवर शहर में करीब 250 ज्वेलर्स की दुकानें हैं.

 

आज का अखबार नहीं पढ़ पाए हैं।हिन्दुस्तान का ePaper पढ़ें |

अन्य खबरें