राजस्थान में पहली बार अलग से पेश होगा कृषि बजट, किसानों से मांगे गए सुझाव

Shubham Bajpai, Last updated: Thu, 23rd Dec 2021, 10:28 AM IST
  • राजस्थान में इस बार वित्तीय वर्ष में राजस्थान के गहलोत सरकार पहली बार कृषि बजट अलग से पेश करने जा रही है. इस बजट में किसानों के खेती, पशुपालन, डेयरी और कृषि से जुड़े प्रस्ताव को पेश किया जाएगा. इसको लेकर सरकार किसानों से सीधा संवाद कर रही है. और किसानों से बजट को लेकर उनके सुझाव भी मांगे गए हैं.
राजस्थान में पहली बार अलग से पेश होगा कृषि बजट, किसानों से मांगे गए सुझाव

जयपुर. राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार राजस्थान के इतिहास में पहली बार किसानों को बड़ी सौगात देते हुए कृषि बजट को अलग से पेश करने जा रही है. इस बजट में खेती, किसानी, पशुपालन समेत कई प्रस्ताव पेश किए जाएंगे. इसको लेकर कृषि मंत्री लालचंद कटारिया प्रदेश के हर संभाग के किसानों, सहकारिता, डेयरी और विषय विशेष से सीधा संवाद कर रहे हैं. 

जिसमें बजट में किसानों को लेकर किन बिंदुओं को रखा जा सकता है इशको लेकर सुझाव मांगे जा रहे हैं. साथ ही किसान और राज्य सरकार के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने को लेकर भी चर्चा की जा रही है.

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किसानों ने दिए ये सुझाव

किसानों ने सरकार को कई सुझाव दिए हैं. जिसमें पशुओं से संबंधित नियमों का सरलीकरण, पॉली हाउस को बढ़ावा, तारबंदी से संबंधित समस्याओं का समाधान, किसानों को बिजली व्यवस्था, तहसील स्तर पर सहायक कृषि अधिकारी की नियुक्ति, खाद का समय पर भंडारण, भंडार गृह खेतों तक बनाए जाएं और जिला स्तर पर फूड प्रोसेसिंग और पैकेजिंग को बढ़ावा दिया जाए. मुख्य रूप से सामने आए हैं.

किसान ऐसे भेज सकते हैं अपन सुझाव

किसान अपने सुझाव विबआग की ईमेल आईडी agribudget@rajasthan.gov.in पर लिखकर भेज सकते हैं. वहीं, किसान कृषि आयुक्त, पंत कृषि भवन, जनपथ, जयपुर को पत्र लिखकर भी भेज सकते हैं.

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किसानों के साथ इनसे भी मांगे गए सुझाव

प्रदेश के कृषि मंत्री लाल चंद कटारिया ने कृषि बजट के संबंध में बताया कि राजस्थान में पहली बार कृषि बजट अलग से पेश किया जा रहा है. किसानों, पशुपालकों के साथ कृषि विश्वविद्यालय और विषय विशेषज्ञों से सुझाव मांगे जा रहे हैं. जिन्हे हम बजट में शामिल करेंगे.

जैविक खेती का अलग हो बजट, कृषि मंडी में बने दूध का आउटलेट

किसानों से जब इस संबंध में बात की तो किसानों ने बताया कि आने वाला समय जैविक खेती का है. सरकार को चाहिए कि जैविक खेती का बजट अलग से होना जाहिए. जैविक उत्पादों पर किसानों को अनुदान दिया जाना जरूरी है. वहीं, एक किसान ने सरकार से दुग्ध उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए कृषि मंडी में आउटलेट बनवाने की मांग की. साथ ही कृषि योजनाओं का पूरा लाभ किसानों को मिल सकें, इसको सुनिश्चित करने के निर्देश दिए.

 

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