कोविड मरीजों को भर्ती करने से मना नहीं कर सकेंगे अस्पताल, फ्री में एंबुलेंस

Smart News Team, Last updated: Wed, 12th May 2021, 12:32 PM IST
  • राजस्थान में कोई भी अस्पताल जरूरतमंद कोरोना मरीज को एडमिट करने से मना नहीं कर सकता है. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के निर्देश के अनुसार अस्पताल भर्ती, रेफर या छुट्टी मिलने पर भी कोरोना मरीज को एंबुलेंस मुफ्त में उपलब्ध कराई जाएगी.
राजस्थान में कोरोना मरीजों को कोई भी अस्पताल एडमिट करने से मना नहीं कर सकता है.

जयपुर. राजस्थान सरकार ने कोरोना मरीजों को राहत पहुंचाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है. गहलोत सरकार ने कहा है कि राज्य में कोरोना संक्रमित मरीज को भर्ती, रेफर या छुट्टी मिलने पर निशुल्क एंबुलेंस सुविधा दी जाएगी. इसी के साथ जिस भी मरीज को अस्पताल में भर्ती करने की जरूरत होगी तो कोई भी उसे एडमिट करने से मना नहीं कर सकता है. कोरोना महामारी में संवेदनशील होकर हर किसी को इलाज पहुंचाना है.

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इसी के साथ आदेश दिए हैं कि राज्य चिकित्सा और स्वास्थ्य विभाग पूरे राजस्थान में कोरोना महामारी से संबंधित समस्याओं से निपटने के लिए एक टेलीफोन नंबर दे. जिस पर आने वाली समस्याओं को जल्द से जल्द सुलझाया जाएगा. इसी के साथ रोगियों को आवश्यक सलाह के साथ दवाई आदि उपलब्ध कराने के आदेश जारी किए गए हैं. 

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हेल्पलाइन नंबर पर मरीजों को कोविड अस्पताल, परामर्श और उपचार केंद्र, समेत निजी अस्पतालों में बेड, ऑक्सजीन सुविधा, वेंटिलेटर आदि की जानकारी दी जाए. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का कहना है कि जरूरतमंद मरीज को किसी भी हालत में एडमिट करने से मना नहीं किया जाएगा. 

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चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की तरफ से जारी आदेश के बाद 24 घंटे सातों दिन राज्य स्तर पर वार रूम संचालित किया जा रहा है. इस वार रूम का नंबर 181 है. बता दें कि होम आइसोलेशन में रह रहे कोविड मरीज भी डॉक्टरी सलाह और दवाई के लिए भी इस नंबर पर कॉल कर सकते हैं. 

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