बाबा रामदेव के बयान से नाराज राजस्थान के डॉक्टर हुए इकठ्ठा, भेजा लीगल नोटिस

Smart News Team, Last updated: Mon, 24th May 2021, 9:48 AM IST
  • एलोपैथी चिकित्सा पद्धति पर की गई टिप्पणी को लेकर देशभर में डॉक्टर रामदेव का विरोध कर रहे हैं. अब राजस्थान के चिकित्सकों ने उन्हें लीगल नोटिस भेजा है. हालांकि रामदेव अब अपने बयान पर माफी मांग चुके हैं.
बाबा रामदेव के बयान से मचा है घमासान .

जयपुर. योग गुरु बाबा रामदेव की ओर से एलोपैथी चिकित्सा पद्धति पर की गई टिप्पणी को लेकर अब राजस्थान के डॉक्टर्स में रोष है.अखिल राजस्थान सेवारत चिकित्सक संघ ने बाबा रामदेव को लीगल नोटिस भेजा है. बता दें इन दिनों रामदेव का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. इसमें उन्होंने एलोपैथी चिकित्सा पद्धति पर टिप्पणी की है.

 

 जिसे डॉक्टर अनर्गल और झूठा बता रहे हैं. उनके इस बयान के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने का निर्णय लिया है. गौरतलब है कि योग गुरु ने इस वीडियो में एलोपैथी चिकित्सकों को झूठा करार दिया व उनके द्वारा किए जाने वाले विश्वव्यापी इलाज पर उंगली उठाते हुए एलोपैथी को कोरोना संक्रमण से होने वाली मौतों का जिम्मेदार ठहराया.

अस्पताल फार्मेसी में रेमडिसिवर कालाबाजारी, 12 मेडिकल स्टोर के लाइसेंस सस्पेंड

संघ के अध्यक्ष डॉ अजय चौधरी ने बताया कि भारत की गरीब और अशिक्षित जनता वैसे ही नीम हकीमों और अंधविश्वासों के चलते चिकित्सकों तक रोग की अवस्था काफी गंभीर होने पर पहुंचती है ,ऐसे में उन्हें सही रास्ता दिखाने के बजाय रामदेव ऐसे बयानों से गुमराह कर रहे हैं जो कि इस महामारी के दौरान घातक है. डॉ चौधरी ने कहा कि संघ सभी चिकित्सा पद्धतियों का सम्मान करता है ,किन्तु किसी भी व्यक्ति को वर्तमान परिस्थितियों में इस प्रकार की भ्रांति फैलाने की इजाजत नहीं दी जा सकती.

 

अखिल राजस्थान सेवारत चिकित्सक संघ की प्रवक्ता डॉ ज्योत्स्ना रंगा ने कहा कि बाबा रामदेव की टिप्पणियों से समस्त चिकित्सक समुदाय अपमानित महसूस कर ही रहा है. साथ ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी देश की छवि को नुकसान पहुंचा है. इस तरह के बयान को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. इसलिए संघ ने बाबा रामदेव पर कानूनी कार्यवाही शुरु करते हुए अपने अधिवक्ता के माध्यम से लीगल नोटिस भेजा है.

जयपुर: ब्लैक फंगस की दवा के लिए सोशल मीडिया पर मांगी मदद, बदमाशों ने 95 हजार ठगे

हालांकि बयान देने के बाद रविवार को बाबा रामदेव ने इस पर खेद जताया. उन्होंने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन के पत्र के बाद अपना यह बयान वापस ले लिया. बाबा रामदेव की ओर से कहा गया कि वे आधुनिक चिकित्सा विज्ञान तथा एलोपैथी के विरोधी नहीं हैं. 

 

वे यह मानते हैं कि जीवन रक्षा प्रणाली तथा शल्य चिकित्सा के विज्ञान में एलोपैथी ने बहुत प्रगति की है और मानवता की सेवा की है. उन्होंने कहा कि उनका जो वक्तव्य कोट किया गया है वह एक कार्यकर्ता बैठक का है. जिसमें उन्होंने एक वॉटसएप मैसेज को पढ़कर सुनाया था, उससे अगर किसी की भावनाएं आहत हुईं, तो उन्हें खेद है.

आज का अखबार नहीं पढ़ पाए हैं।हिन्दुस्तान का ePaper पढ़ें |

अन्य खबरें