राजस्थान की बनास और चम्बल नदी देश की 351 प्रदूषित नदियों में शामिल

Smart News Team, Last updated: Thu, 1st Apr 2021, 9:28 PM IST
  • राज्य के मुख्य सचिव निरंजन आर्य ने बनास और चंबल नदी के प्रदूषित नदियों में शामिल होने पर चिंता व्यक्त की है. उन्होंने नदियों का प्रदूषित जल स्तर कम करने के लिए अधिकारियों को जल्द एक्शन प्लान तैयार करने के लिए कहा है.
राजस्थान की बनास और चम्बल नदी प्रदूषित नदियों में शामिल

जयपुर. राजस्थान की बनास और चंबल नदी देश की 351 प्रदूषित नदियों में शामिल किया गया है. इन नदियों के प्रदूषित स्तर को कम करने के लिए राजस्थान सरकार जल्द ही एक्शन प्लान तैयार करेगी. एक्शन प्लान तैयार करने के लिए राज्य प्रदूषण नियंत्रण मण्डल प्रदूषण के स्तर की जांच कर रहा है. राज्य के मुख्य सचिव निरंजन आर्य ने बनास और चंबल नदी के प्रदूषित नदियों में शामिल होने पर चिंता व्यक्त करते हुए प्रदूषित जल को कम करने के प्रयासों में तेजी लाए जाने के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं. मुख्य सचिव ने गुरुवार को सचिवालय में राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (एनजीटी) की ओर से पर्यावरण विभाग को दिए गए निर्देशों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को यह निर्देश दिए.

समीक्षा बैठक में आर्य ने कहा कि देश की 351 प्रदूषित नदियों में से राजस्थान की बनास और चम्बल नदी का नाम होना चिंताजनक है. उन्होंने निर्देश दिए कि नदियों के प्रदूषित जल स्तर को जल्द से जल्द कम करने के लिए एक्शन प्लान तैयार किया जाए. बनास नदी के बहाव का बीओडी 10 मिलीग्राम प्रति लीटर से अधिक वन एवं पर्यावरण विभाग की प्रमुख शासन सचिव श्रेया गुहा ने बताया कि बीसलपुर में बनास नदी के प्रदूषित नदी खण्ड का जैव रासायनिक ऑक्सीजन डिमांड (बीओडी) 3 मिलीग्राम प्रति लीटर से नीचे है जो सुरक्षित है.

विश्व जल दिवस आज: 140 लीटर जल दोहन के मुकाबले 100 लीटर ही जमीन में जा रहा पानी

उन्होंने बताया कि नेवटा बांध पर बनास नदी के बहाव का बीओडी 10 मिलीग्राम प्रति लीटर से अधिक है जो चिंता का विषय है लेकिन, अब उसका स्तर भी धीरे-धीरे कम होता जा रहा जिससे थोड़ी राहत मिली है. उन्होंने यह भी कहा कि एक्शन प्लान के अनुसार कोटा में 22 और केशोरायपाटन में 6 अत्याधिक प्रदूषित ड्रेन चिन्हित किए गए हैं जिनकी नियमित रूप से राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मण्डल जांच कर रहा है. एक्शन प्लान में औद्योगिक क्षेत्रों से निकलने वाले अपशिष्ट पदार्थो की नियमित मॉनिटरिंग करने के भी निर्देश दिए हैं.

आज का अखबार नहीं पढ़ पाए हैं।हिन्दुस्तान का ePaper पढ़ें |

अन्य खबरें