राजस्थान: महिला ने दूसरी शादी की तो पंचों ने लगाया 11 लाख जुर्माना, किया समाज से बाहर

Swati Gautam, Last updated: Tue, 16th Nov 2021, 2:27 PM IST
  • राजस्थान के बाड़मेर में एक महिला ने पति से तलाक लेकर दूसरे व्यक्ति से शादी की तो जातीय पंचों ने महिला और उसके पति पर 11 लाख रुपये का जुर्माना लगा दिया. जुर्माना नहीं भर पाने के कारण उन्हें समाज से बाहर कर दिया गया है. पीड़िता ने थाने में 18 अक्टूबर को 35 नामजद सहित अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज करवाया है. महिला आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रही है.
राजस्थान: महिला ने दूसरी शादी की तो पंचों ने लगाया 11 लाख जुर्माना किया समाज से बाहर. file photo

जयपुर. यह जमाना 21वीं सदी का भले हो लेकिन राजस्थान के कई गांवों में आज भी पंचों की तानाशाही जारी है. पंचों की दबंगई का एक ऐसा ही मामला पश्चिमी राजस्थान में भारत-पाकिस्तान सीमा पर बसे बाड़मेर जिले से आया है जहां जातीय पंचों ने दूसरी शादी करने के चलते एक परिवार का हुक्का-पानी बंद कर दिया. साथ ही पीड़ित दंपति को 11 लाख रुपये जुर्माना भरने का फरमान सुनाया है. पीड़ित दंपति और उसका परिवार न्याय के लिए बाड़मेर पुलिस के चक्कर लगा रहे हैं. पीड़ितों ने इस संबंध में 18 अक्टूबर को 35 नामजद सहित अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज करवाया है.

जानकारी अनुसार बाड़मेर जिले के सेड़वा थाना इलाके के भंवार निवासी समजू ने इस संबंध में जातीय पंचों के खिलाफ मामला दर्ज करवाया है. उसने बताया कि वर्ष 2020 में उसकी शादी वेरशीराम से हुई है. उसकी पहली शादी श्रवण कुमार से हुई थी लेकिन वह रेप केस के आरोप में जेल में है. जिसके कारण उससे तलाक लेकर दूसरी शादी कर ली. समजू ने बताया कि उसकी इस शादी के बाद 35 जातीय पंचों ने तिलोकाराम की अगुवाई में तुगलकी फरमान सुनाते हुए 11 लाख रुपये का अर्थदंड भरने का आदेश दिया है. पीड़िता का कहना है कि वह और उसका पति ये जुर्माना राशि भरने में सक्षम नहीं हैं. इस पर उन्हें समाज से बाहर कर दिया गया है.

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पीड़िता मामले की लेकर पुलिस थाने के लगातार चक्कर काट रही रही है और न्याय की मांग कर रही है लेकिन पुलिस द्वारा कोई एक्शन नहीं लिया जा रहा है. पीड़िता ने अपने परिवार के साथ सेड़वा थाने जाकर मामला दर्ज करवाया. सेड़वा पुलिस थाना में धारा 384 के तहत मामला दर्ज कर जांच तो शुरू की लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की है. पीड़िता बाड़मेर पुलिस अधीक्षक को भी ज्ञापन देने पहुंची और कहा कि उन्हें समाज से बहिष्कृत कर 11 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है. गरीब परिवार होने से 11 लाख रुपये भरने में असमर्थता जताने पर समाज से बहिष्कृत कर हुक्का पानी बंद कर दिया गया है. वहीं बाड़मेर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नरपत सिंह का कहना है कि पूरे प्रकरण की तथ्यता की जांच करवाकर जल्द अग्रिम कार्रवाई की जाएगी.

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